अनुमति 20 की, 30 कमरों में चल रहा कारोबार
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 59 होटलों को भेजे नोटिस
मनाली के 45 और मणिकर्ण के 14 होटलों पर शिकंजा
होटल संचालकों को 15 दिन में देना होगा जवाब
रोशन ठाकुर
कुल्लू। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कुल्लू-मनाली के 59 होटलों को नोटिस भेजे हैं। मनाली के 45 तथा मणिकर्ण के तोष और जरी के 14 होटल, रेस्तरां और होमस्टे संचालकों पर शिकंजा कसा गया है। संचालकों को अब 15 दिन के भीतर जवाब देना होगा। एनजीटी और हाईकोर्ट के आदेशों पर हुई जांच में होटलों, रेस्तरां और होमस्टे पर प्रदूषण को लेकर कई खामियां सामने आई हैं।
कई होटलों को टीसीपी ने 15 या 20 कमरों की अनुमति दी थी, लेकिन निरीक्षण में इससे कहीं अधिक 25 से 30 कमरों की संख्या पाई गई है। इसके अलावा बोर्ड की एनओसी के बगैर भी कई व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का संचालन कर सरकार को चूना लगाया जा रहा था। एनजीटी और हाईकोर्ट की सख्ती से एक्शन में आए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई से धार्मिक नगरी मणिकर्ण से लेकर पर्यटन नगरी मनाली तक हड़कंप मच गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता प्रदीप मोदगिल ने कहा कि मनाली में निरीक्षण के दौरान एक दर्जन से अधिक टीसीपी के नियमों के खिलाफ कार्य कर रहे थे जो प्रदूषण की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे थे। जबकि, 50 से 55 होटल, रेस्तरां और होस्मटे आदि व्यवसायिक प्रतिष्ठान बोर्ड की बिना एनओसी के चल रहे थे। उन्होंने कहा कि नोटिस का जवाब 15 दिनों के भीतर देने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि एनजीटी ने कुल्लू-मनाली के 1700 होटलों तथा हाईकोर्ट ने मणिकर्ण, जरी, तोष, कसोल तथा कुल्लू के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की जांच करने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए कुल्लू और मनाली के एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी और समिति का गठन किया गया है। इसमें अभी तक करीब डेढ़ सौ होटलों का निरीक्षण किया गया है।