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विकास से कोसों दूर बंजार व सैंज के कई गांव, न सड़क, न ही बिजली

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बंजार व सैंज के कई गांवों में न सड़क, न ही बिजली
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आज भी पीठ पर बोझा ढोने को हैं मजबूर, चारपाई में लाते हैं मरीज
नई जयराम सरकार से ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं की उम्मीद
हरिकृष्ण कौल/संजीव कुमार
बंजार/सैंज (कुल्लू)। उपमंडल की बंजार व सैंज घाटी के दो दर्जन गांव विकास से कोसों दूर हैं। कई गांवों में न सड़क है और न ही बिजली सुविधा है। कई दशकों से गांव मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। सुविधाओं के अभाव के चलते उपचार को लाते हुए कई मरीज बीच रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। आज भी मरीजों को चारपाई से सड़क तक पहुंचाया जाता है। जबकि सामान स्वयं व खच्चरों में लाद कर पहुंचाया जा रहा है।
ग्रामीणों को नई जयराम सरकार से गांव में मूलभूत सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। सैंज घाटी के शाक्टी, मरौड़, लपाह, शुगाड़, मजाहन, मैल, बडैहठा, बरशागड़, सुंदरनगर, बशलेउ, सरूट बलीधार, तिंदर, श्रीकोट, शिल्ली, शरूंगर, परवाड़ी, गरूली, चिपणी, नाईनी, नगढार, खरूंगचा, डिंगचा, नाही, घाट, दारण, धारा शलींगा, तींदर, लागचा, शुंगचा गांव आज भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। जबकि कुछ गांव में सड़क के साथ बिजली भी नहीं है।
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ग्रामीणों में रमेश कुमार, राजकुमार, रामसरण, संगत राम, खीमी राम शर्मा, कुर्मी राम, जय चंद, बनवारी, तीर्थ राम, ध्यान सिंह, लाल दास, गुर ध्यान सिंह, राम लाल, नरेश कुमार, नंद लाल, किशोरी लाल, प्रमोद कुमार, तुलसी राम, शेर सिंह, प्यारे लाल, नरेंद्र कुमार, राजेश, उत्तम राम, खेले राम, मान दास, मनोज कुमार, चंदे राम, उदय राम, रमेश शर्मा और नोक सिंह का कहना है कि कई दशक बीतने के बावजूद सड़क सुविधा नहीं मिल पाई है। कई सरकारें आई और गईं लेकिन अभी तक सड़क से गांव नहीं जुड़ पाए हैं। कई किलोमीटर पैदल ही सफर तय करना पड़ता है। मरीजों को चारपाई में ही लाना पड़ता है। सही समय पर अस्पताल तक न पहुंचने पर कई बार जान भी चली जाती है। भरपूर सीजन में कृषि उत्पादों को भी मंडियों में पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।
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ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, बंजार विधायक सुरेंद्र शौरी से मांग की है कि गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाए। ग्रामीणों का तर्क है कि विभागीय अधिकारी औपचारिकताओं का ही हमेशा तर्क देते हैं। ऐसे में सड़क सुविधा से प्राथमिकता के आधार पर जोड़ने के लिए स्वयं चुने प्रतिनिधियों को आगे आना होगा। इधर, विधायक सुरेंद्र शौरी ने बताया कि छूटे गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा। कुछ सड़कों की डीपीआर व वन विभाग से अनुमति मिल चुकी है। उनका कार्य विभाग को जल्द शुरू करवाने के आदेश दिए जाएंगे।
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