अब माइनस डिग्री तापमान से
जमने लगीं पेयजल योजनाएं
सूखे और जमने से पेयजल स्रोतों से 20 फीसदी कम हुई सप्लाई
पाइपें जाम होने और पानी की कम सप्लाई होने से बढ़ीं मुश्किलें
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। घाटी में इन दिनों कड़ाके की ठंड से पेयजल योजनाएं जमने लगी हैं। पेयजल पाइपें जाम होने से पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो रही है। वहीं सूखा रहने से प्राकृतिक पेयजल स्रोतों से 15-20 फीसदी सप्लाई भी कम हो गई है। जिससे उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पिछले तीन माह से जिला में बारिश बेहद कम हुई है। सूखा अधिक रहने से कई पेयजल स्रोतों में जलस्तर बेहद कम हो चुका है। ऐसे में लोगों के पास एकमात्र सहारा पेयजल योजनाएं हैं, लेकिन रात के समय माइनस डिग्री तापमान के बीच पेयजल पाइपें जाम हो रही हैं। जिसका सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है। खराहल घाटी के करीब आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाली बिजली महादेव चंसारी पेयजल योजना के जाम होने से ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दो दिनों तक लोगों को पेयजल मुहैया नहीं हो पाया। हालांकि विभाग के कर्मचारियों ने लगातार तीन दिनों तक कड़ी मशक्कत के बाद पेयजल योजना को बहाल किया।
गौर रहे कि जिला मुख्यालय के साथ लगते खराहल घाटी की सात पंचायतों में पेयजल को लेकर दिक्कत रहती है। वहीं बठाहड़, घियागी, शोझा, चैहणी, नोहांडा, मणिकर्ण घाटी और मनाली उपमंडल के ऊपरी क्षेत्रों में पेयजल योजनाएं जाम हो जाती है। भारी ठंड से जाम हो रही पेयजल पाइपों ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। इस संबंध में घाटीवासी महेंद्र सिंह, दीवान सिंह, अशोक, पूरन चंद और संतोष शर्मा ने कहा कि कड़क ठंड से पेयजल योजनाएं जाम हो रही हैं। जिससे लोगों को पेयजल मुहैया नहीं हो रहा है। इस संबंध में आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता सेसराम आजाद ने कहा कि अप्पर खराहल की पेयजल योजना जाम हो गई थी। जिसे अब बहाल कर दिया गया है। सूखा रहने से प्राकृतिक जल स्रोतों से सप्लाई में करीब 15-20 फीसदी कमी आई है।