सैंज (कुल्लू)। जिले के सैंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं बढ़ पाई हैं। सीएचसी का दर्जा मिले आठ साल हो गए हैं और भव्य भवन का निर्माण किया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को पर्याप्त डॉक्टर न मिलने से मरीजों को इलाज के लिए 60 किमी सफर कर क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू पहुंचना पड़ता है। सीएचसी महज दो डॉक्टर के सहारे चल रहा है। डॉक्टरों के तीन रिक्त चल रहे हैं। एक दंत चिकित्सक को डेपुटेशन कुल्लू भेजा गया है। वहीं, अस्पताल में फार्मासिस्ट के दो, स्टाफ नर्स के तीन, अधीक्षक, एक्स-रे तकनीशियन, स्वच्छता निरीक्षक, वार्डन, ड्रेसर और चौकीदार के एक-एक पद खाली हैं। वहीं, सैंज के स्वास्थ्य उपकेंद्र देहुरी में पांच साल से स्टाफ न होने के कारण ताला लटका है। ऐसे में परेशान ग्रामीणों को इलाज करवाने के लिए मीलों दूर सैंज आना पड रहा है। जबकि चिकित्सकों के अभाव के कारण सैंज में मरीजों का इलाज नहीं मिल पाता है।
इलाके की बनोगी और सुचैहण पंचायतों के लगभग 5,000 लोगों को पांच वर्षों से जुकाम, बुखार व सिर दर्द की दवा लेने के लिए भी 15 किमी का सफर करना पड़ता है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन दोनों स्वास्थ्य केंद्रों की समस्या को देखते हुए पूर्व में जिला परिषद अध्यक्ष रहीं रोहिणी चौधरी ने कुल्लू दौरे पर आए स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डाॅ धनीराम शांडिल को मांग पत्र सौंपकर रिक्त पदों को भरने की गुहार लगाई है। कहा कि सैंज अस्पताल पर क्षेत्र की 15 पंचायतों के करीब 20,000 लोग इलाज के लिए निर्भर हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है।
........संवाद