अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला मुख्यालय कुल्लू से शांघड़ रूट पर चलने बाली बस बीते करीब डेढ़ माह से बंद है। इससे लोगों को करीब 15 किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ रहा है। सीजन की पहली बर्फबारी के बाद ही जिला के अनेकों रूट बंद चल रहे हैं। शांघड़-कुल्लू रूट पर बस न चलने से स्कूल, कॉलेज, आईटीआई सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षण व प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को भी टैक्सियों में कम से कम 100 रुपये तक का तरफ किराया देना पड़ रहा है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से चलाई जा रही शांघड़-कुल्लू बस भी अभी तक चल नहीं पाई। हालांकि परिवहन निगम ने सैंज तक बस सेवा चलाई है। लेकिन सैंज से शांघड़ जाने के लिए लोगों को टैक्सी का सहारा लेना पड़ता है या फिर पैदल ही अपने गंतव्य पहुंचना पड़ रहा है। बस बंद होने से रोपा, सुचैहण, नरवाली, माशला, लोहट सहित शांघड़ पंचायत के दर्जनों गांवों के लोगों के साथ बस में निशुल्क सफर करने वाले स्कूली बच्चों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। शांघड़वासियों ने निगम से मांग की है कि जहां तक सड़क बस चलने योग्य है, वहां तक लोगों को सुविधा दी जाए। पंचायत प्रधान सवित्रा देवी, उप प्रधान लेदराम ठाकुर, वार्ड सदस्य बलदेव राणा, पार्वती, फूला, इंदिरा देवी, बेली राम का कहना है कि शांघड़ के लोहट स्टेशन तक सड़क ठीक हो चुकी है। ऐसे में यहां तक बस आ सकती है। स्थानीय निवासी मोती राम, हीरा सिंह, वेद राम, कौशल्या देवी तथा जय सिंह ने कहा कि सड़क ठीक होते हुए भी निगम की बस आधे रास्ते तक ही आती है। लोहट तक बस को भेजा जाना चाहिए। कुल्लू-शांघड़ रूट पर बस सेवा बंद होने से लोग टैक्सियों का सहारा ले रहे हैं। इससे टैक्सी चालक जमकर मुनाफा कमा रहे हैं। वहीं शांघड़ व सुचैहण पंचायत के लोगों को अक्सर विभिन्न विभागों के कार्यों के लिए 15 किलोमीटर दूर सैंज जाना पड़ता है। उधर, इस बारे जब आरएम कुल्लू को फोन किया तो उन्हें फोन नहीं उठाया। उधर, स्थानीय विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो इसको लेकर आरएम से जवाब मांगा जाएगा। साथ ही आरएम कुल्लू को आदेश दिए जाएंगे।