अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। फलदार पौधों पर महंगाई की मार पड़ गई है। पौधे के दामों में पिछले वर्ष की तुलना में 20 से 500 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हो गई है। दामों में आए भारी उछाल के बावजूद बागवान नए पौध खरीदने को मजबूर हैं। ऐसे में नया बगीचा लगाने के लिए अधिक खर्चा करना पड़ रहा है। बताया जा रहा कि पौधों की अधिक मांग के चलते कीमतों में उछाल आया है।
समय पर बारिश और बर्फबारी होने से बागवानों ने नए पौध की खरीदारी शुरू कर दी है। सरकारी व निजी पंजीकृत नर्सरियों में पौधों की काफी ज्यादा मांग है। मांग अधिक होने से सरकारी नर्सरियों में बागवानों को इच्छा अनुसार पौधे नहीं मिल पा रहे हैं। बताया जा रहा कि सबसे ज्यादा प्लम के पौधों की कीमतों में उछाल आया है। इसका बीज भी नर्सरी उगाने वालों को काफी महंगा उपलब्ध हुआ था। 200 से 250 तक ए श्रेणी का पौधा मिल रहा है। घाटी के बागवान अमित, रोशन, ज्ञान ठाकुर, सतीश ठाकुर, महेंद्र ठाकुर, चुनी लाल, सुरेश, चमन, अखिल ठाकुर, नवीन आदि का कहना है कि इस साल गत वर्ष की अपेक्षा सेब, प्लम, नाशपाती और जापानी पौधों के मूल्यों में 20 फीसदी से अधिक बढ़ोतरी हो गई है। कहा कि प्लम के पौधों में तो 50 फीसदी तक वृद्धि हो चुकी है। फिर भी पौधे उपलब्ध नहीं हो रहे है। सरकारी नर्सरियों में भी मांग के अनुसार बागवानों को पौधे ही नहीं मिल पा रहे हैं।
पिछले वर्ष इस साल
प्लम 80 रुपये प्रति पौधा 150 से 200 रूपये प्रति पौधा
सेब रॉयल 35 से 50 रुपये एक वर्ष व दो वर्ष का 150 रुपये
जापानी 75 रुपयेे 120 रुपये
नाशपाती 80 रुपये 100 से 120 रुपये
खुमानी 75 रुपये 100 से 120 रुपये
अखरोट 80 रुपये 150 रुपये
अनार 25 रुपये 30 से 35 रुपये