रोहतांग (कुल्लू)। बर्फ से अठखेलियां करने की जिद कहीं जान पर भारी न पड़ जाए। इसे बर्फ में सेल्फी खींचने की जिद कहें या फिर पागलपन। पर्यटक अब जान जोखिम में डालकर आधी रात तक 13050 फुट ऊंचे बर्फ से लकदक रोहतांग दर्रा में मस्ती करते नजर आ रहे हैं।
शून्य से नीचे तापमान में भी पर्यटक अपने छोटे बच्चों और बुजुर्ग मां-बाप के साथ रात के अंधेरे में चहलकदमी कर रहे हैं। सेल्फी साफ नजर आए इसलिए पर्यटक वाहनों की हेडलाइट जलाकर फोटो खींच रहे हैं। हालांकि, रोहतांग दर्रे में आधी रात के समय सैलानियों के पहुंचने से मनाली प्रशासन सतर्क हो गया है। बताया जा रहा है कि रोहतांग के आसपास रोजाना हो रही बर्फबारी से पर्यटकों की जान मुश्किल में पड़ सकती है। एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने कहा कि आधी रात के समय पर्यटकों को रोहतांग दर्रे में मस्ती की इजाजत नहीं दी सकती है। सैलानियों की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए इस पर सख्ती बरती जाएगी। सूत्रों के मुताबिक कुछ टैक्सी चालक आधी रात एक बजे पर्यटकों को लेकर रोहतांग निकल रहे हैं। जबकि, प्रशासन ने सुबह छह बजे का समय रोहतांग के लिए तय किया है। इसके बावजूद चंद रुपयों के लिए सैलानियों की जान को खतरे में डाली जा रही है। वहीं, बेवक्त सैलानियों को लेकर रोहतांग की तरफ जाने वाली टैक्सियों के कारण घंटों जाम का सामना करना पड़ रहा है। इससे लाहौल स्पीति, पांगी किलाड़, लेह लद्दाख जाने वाले लोग प्रभावित हो रहे हैं। रात के समय रोहतांग दर्रे में तापमान माइनस तीन डिग्री रिकॉर्ड किया जा रहा है। 13050 फुट की ऊंचाई पर इतनी ठंड के बीच पर्यटकों को हाईपोथरमिया की संभावना बढ़ जाती है। घरसंगी ने कहा कि बेेवक्त रोहतांग की तरफ जाने वाले पर्यटक वाहनों पर शिकंजा कसा जाएगा। उधर, लाहौल स्पीति होटल एसोसिएशन के महासचिव टशी ने प्रशासन से मांग की है कि रोहतांग से आगे के लिए परमिट वाले सैलानियों के कागजात कोकसर की बजाय केलांग में चेक किए जाएं, जिससे बियोंड रोहतांग परमिट फर्जीवाड़े को रोका जा सके।