कुल्लू। केंद्र सरकार ने लहसुन फसल को भी बीमा योजना में शामिल कर दिया है। किसानों को आगामी लहसुन की फसल से इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। इसके लिए किसान 14 दिसंबर तक अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। किसानों को इसके लिए 300 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम देना होगा।
जिला कुल्लू में करीब 1200 हेक्टेयर तथा सूबे में 3824 हेक्टेयर में लहसुन की खेती हो रही है। मौसम आधारित बीमा योजना के लिए किसानों का पंजीकरण करने के लिए रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी कुल्लू पहुंचे गए हैं। इसके लिए किसान कृषि विभाग के सभी खंडों में तैनात एसएमएस कार्यालय में भी अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। मौसम के चलते अगर किसानों की लहसुन को नुकसान पहुंचता है तो 6000 रुपये प्रति बीघा वेल्यू लगाई जाएगी। इस सीजन से शुरू हुई बीमा स्कीम को लेकर किसानों में खुशी है।
इस संबंध में किसान आलम चंद, बेली राम, किशोरी लाल, रमेश चंद, तिलक राम, खेम राज तथा बालक राम ने लहसुन फसल बीमा योजना का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि लहसुन को मौसम की मार पड़ती है। कई बार अधिक सूखा होने से तबाह हो जाती है तो कई बार अधिक बारिश की चपेट में आने से लहसुन सड़ जाती है। कुछ साल पूर्व लहसुन निकालने पर बारिश से करीब 20 हजार क्विंटल लहसुन तबाह हो गया था। कृषि उपनिदेशक डॉ रत्न भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार की मौसम आधारित लहसुन बीमा योजना इस सीजन से शुरू होगी। विभाग और कंपनी ने इसे धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। केंद्र सरकार की मौसम आधारित लहसुन बीमा योजना का लाभ कुल्लू जिला के करीब 10 हजार तथा सूबे में लगभग 40 हजार से अधिक किसानों का फायदा होगा। मौसम आधारित लहसुन बीमा योजना में किसानों की लहसुन के नुकसान का आकलन सेटेलाइट द्वारा किया जाएगा। इसके लिए रिलाइंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने जिला कुल्लू में सात वेदर स्टेशन स्थापित किए हैं।