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जिला अस्पताल में तीन माह बाद भी नहीं हो रहे अल्ट्रासाउंड

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कुल्लू। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में मरीजों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बरसात के मौसम में दिक्कतें और बढ़ रही हैं। कुल्लू अस्पताल में तीन माह बाद की तिथि मिलने पर भी मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। मौके पर पहुंच रहे मरीजों को नई तिथि दी जा रही है। इसके चलते मरीज परेशान हैं। जानकारी के मुताबिक पहले से ही दो से तीन माह की डेट मिलने के बाद मरीजों को अब 15 दिन से एक महीने तक की नई तिथि दी जा रही है। नतीजन मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख कर उपचार करवाना पड़ रहा है। मंगलवार को कुल्लू अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाने पहुंचे नरेंद्र कुमार, हीरा देवी, हेमा, अनिल, देव राज, संगीता, निर्मला और स्नेहलता ने कहा कि उन्हें पहले ही दो से तीन माह की तारीख दी गई थी, लेकिन अब उन्हें एक माह की और नई तिथि दी है। नरेंद्र तथा राज कुमार ने कहा कि उनके पेट में तकलीफ है और चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड की बात कही है, लेकिन अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है। जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र शौरी ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में चार जिलों के मरीज उपचार करवाने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन चिकित्सकों की कमी के चलते मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल रहा है। उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है। उधर, जिला चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस मल्होत्रा ने कहा कि अस्पताल में दो रेडियोलॉजिस्ट के पद स्वीकृत हैं, लेकिन एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट होने से यह समस्या आ रही है। इस मसले को हाल ही में शिमला में हुई बैठक में भी उठाया गया है।
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रेडियोलॉजिस्ट छुट्टी पर, नहीं हो रहे अल्ट्रासाउंड
कुल्लू अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट के अनुसार गत साल क्षेत्रीय अस्पताल में करीब 250 दिनों में छह हजार से अधिक मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए थे। हफ्ते में चार दिन के दौरान रोजाना 25 से 30 मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। रेडियोलॉजिस्ट के छुट्टी या कोर्ट में होने की सूरत में हाल बेहाल हो रहे हैं।
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