अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। हेलीकॉप्टर की नियमित उड़ानें नहीं होने से घाटी में फंसे परीक्षार्थियों और मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तीन फरवरी को हिमाचल अधीनस्थ चयन आयोग की और से स्टेनोग्राफर की लिखित परीक्षा का आयोजन होना है। लेकिन नियमित हेलीकॉप्टर उड़ानें नहीं होने से घाटी कई परीक्षार्थी फंस गए हैं। ऊपर से बर्फबारी ने भी उनकी मुसीबतें बढ़ा दी हैं।
हालांकि उपायुक्त लाहौल-स्पीति ने आयोग के अध्यक्ष को मेल कर परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने की अपील की है। जिला प्रशासन ने बोर्ड से कहा है कि अगर संभव है तो ऐसे परीक्षार्थियों की परीक्षा केलांग में ही आयोजित की जाए अन्यथा हालात को देखते हुए परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाई जाए। अब यह आयोग पर निर्भर है कि वह बर्फ में फंसे इन परीक्षार्थियों को राहत देती है या नहीं। ये सभी परीक्षार्थी बाहरी जिलों से संबंध रखते हैं। कुछ बौद्ध भिक्षुओं ने नेपाल में एक धार्मिक आयोजन में शामिल होने के दिल्ली से काठमांडू की एयर टिकट भी बुक करवा रखी है। ये बौद्ध भिक्षु भी घाटी में फंसे हैं। बताया जा रहा है कि लाहौल के विभिन्न हेलीपैडों से कई गर्भवती महिलाओं को कुल्लू के लिए रेफर किया गया है। कई अन्य मरीजों को भी इलाज के लिए घाटी से बाहर भेजने की डॉक्टरों ने सिफारिश की है। बीते 29 जनवरी को घाटी के लिए अंतिम उड़ान हुई थी। इसके बाद खराब मौसम और वीवीआईपी ड्यूटी के चलते कोई उड़ानें नहीं हो सकी है। उधर उपायुक्त लाहौल-स्पीति ने कहा कि लिखित परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन ने बोर्ड के चेयरमैन को ईमेल से सूचित किया है। अन्य फंसे यात्रियों को घाटी से बाहर निकालने के लिए हेलीकॉप्टर उड़ानें करवाने के लगातार प्रयास किए जा रहे है। लेकिन बर्फबारी के कारण फिलहाल हेलीकॉप्टर की उड़ानें संभव नहीं है।