मणिकर्ण घाटी में अब 50 होटलों के दस्तावेजों की होगी जांच
छह दिसंबर से चलेगा चौथे चरण का अभियान, दस्तावेज पूरा न करने वाले किए जाएंगे सील
पहले तीन चरणों में 108 होटलों को कर चुके हैं सील
मणिकर्ण घाटी के बचे हुए होटलों पर गिर सकती है गाज
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। मणिकर्ण घाटी के बचे हुए होटलों व अन्य के आवश्यक दस्तावेजों को चौथे चरण के तहत जांचा जाएगा। दस्तावेज पूरे न होने वाले होटलों पर सीलबंदी की गाज गिरेगी। अब मणिकर्ण घाटी के गांव तुलगा, पुलगा, कालगा, सुमा रोपा, ग्राहण और तोष के ऊपरी हिस्से में चल रहे करीब 50 होटलों व अन्य के दस्तावेजों की छानबीन की जाएगी। दस्तावेज जांच अभियान छह दिसंबर से चलेगा। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर अमल में लाई जा रही है।
अब तक जिला प्रशासन हाईकोर्ट के आदेश पर मणिकर्ण घाटी में तीन चरणों में करीब 108 होटलों को सील कर चुका है। इसमें से कुछ होटलों ने औपचारिकताएं पूरी कर प्रशासन को दस्तावेज सौंपे। पर्यटन विभाग, राजस्व विभाग, वन विभाग आदि से तमाम औपचारिकता पूरी करने के बाद प्रशासन ने सील किए कुछ होटलों को खोल भी दिया। इससे पहले हाईकोर्ट के आदेश पर अधिकतर कार्रवाई कसोल एरिया में की गई थी। यहां पर चल रहे कई होटलों में अनियमितता पाई गई थी। यहां पर अभी भी कुछ होटल बंद ही चले हैं। इनकी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पाई हैं। अब चौथे चरण में प्रशासन की टीम गांव तुलगा, पुलगा, कालगा, सुमा रोपा, ग्राहण और तोष में दस्तावेज जांच अभियान छह दिसंबर से चलाएगी। इनमें करीब 50 होटल व अन्य शामिल हैं। होटल कारोबारी औपचारिकताएं पूरी करने में लगे हैं। कई होटल कारोबारी प्रशासन के पास स्वयं ही होटल खोलने की गुहार लेकर आ रहे हैं।
हाईकोर्ट के आदेश पर मणिकर्ण घाटी के होटलों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसमें अगर किसी होटल के दस्तावेज अधूरे पाए जाते हैं तो उसको सील किया जाएगा।
- डॉ. अमित गुलेरिया, एसडीएम
अतिक्रमण वाले मामले शामिल नहीं
चौथे चरण के तहत केवल दस्तावेजों से संबंधित ही जांच की जाएगी। इनमें अतिक्रमण वाले मामले नहीं हैं। दस्तावेज जुटाने के लिए काफी समय मिलने पर अधिकतर मामलों में दस्तावेज मिलने की उम्मीद जाहिर की जा रही है। हालांकि जांच के बाद ही सही स्थिति स्पष्ट होगी।