अमर उजाला ब्यूरो।
कोकसर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति का प्रवेश द्वार रोहतांग दर्रा खुलने के 24 घंटे बाद ही बर्फीली हवा खतरनाक हो गई है। बीआरओ ने वीरवार को रोहतांग के दोनों छोर मिला दिए थे। लेकिन शुक्रवार रात को रोहतांग के आसपास तेज हवाएं चलने से कई जगह मार्ग अवरुद्ध हो गया और शनिवार को वाहन चालक, बीआरओ और रेस्क्यू टीम कोकसर और मढ़ी की मदद से देर शाम तक यातायात बहाल हो सका। ऐसे में कुछ यात्री ग्रांफू और रोहतांग में कई घंटे तक फंसे रहे।
बचाव दल में तैनात वीर सिंह बीरु ने बताया कि ग्रांफू के आसपास बर्फ जम जाने से छोटे वाहन फंस गए थे, जिन्हें बाद में धक्का देकर निकाला गया है। बचाव दल मढ़ी और कोकसर की टीम भी इन वाहनों को निकालने के लिए रोहतांग तक पहुंची और देर शाम तक वाहनों को निकालकर यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया गया। बचाव चौकी कोकसर के प्रभारी पवन ठाकुर ने बताया कि शनिवार को मौसम साफ रहने पर भी कोकसर की ओर से 25 वाहन मनाली रवाना किए गए थे। सड़क पर बर्फ होने और रोहतांग से राहनीनाला के बीच तेज बर्फीली हवाएं चलने से दर्रा अवरुद्ध हो गया था। घंटों मशक्कत के बाद शाम को सड़क से बर्फ हटाकर वाहनों को अपने गंतव्य तक पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि मनाली की ओर से तकरीबन 40 वाहन, जिसमें चार ट्रकों को भी बचाव दल ने रोहतांग दर्रा पार करवाया है।