अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिले के तीर्थ स्थलों में बुधवार को 20 भादों के अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। मणिकर्ण, सरयोलसर, खीरगंगा, जिया संगम, वशिष्ठ, क्लाथ आदि तीर्थ स्थलों में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
मणिकर्ण व जिया संगम पर पवित्र स्नान का सिलसिला तड़के चार बजे से शुरू हुआ। पवित्र स्नान का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। 20 भादों के स्नान के लिए मणिकर्ण में मंदिर कमेटी की ओर से खास इंतजाम किए गए थे। मंदिर में श्रद्धालुओं के रहने व खाने का विशेष प्रबंध किया गया था। भजन-कीर्तन से मणिकर्ण का माहौल भक्तिमय हो गया। मणिकर्ण में पवित्र स्नान करने पहुंचे पुन्ने राम, नीलमा, बीर सिंह और बेगमा ने कहा कि 20 भादों के स्नान को गुणकारी माना जाता है। इस तीर्थ स्थलों पर स्नान करने से कई रोगों से मुक्ति मिल जाती है। धार्मिक नगरी मणिकर्ण के पवित्र कुंड में श्रद्धालुओं ने 20 भादों पर पवित्र स्नान किया है। सैकड़ों की संख्या में महिलाओं व बच्चों ने भी पवित्र स्नान में हिस्सा लिया। श्रीराम मंदिर कमेटी के प्रधान जनक राज शर्मा ने कहा कि धार्मिक नगरी मणिकर्ण में 20 भादों के पर्व की धूम रही। भक्तों के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया।
पहाड़ों में जड़ी-बूटियां छोड़ती हैं रस
मनाली (कुल्लू)। श्रद्धालुओं ने मनाली के पवित्र तीर्थ स्थलों पर पवित्र स्नान किया। मान्यता है कि मकर संक्रांति की तरह 20 भादों का स्नान पवित्र होता है। भाद्रपाद मास के 20 प्रविष्टे को पहाड़ों में जड़ी-बूटियां अपना रस छोड़ती हैं। इस पानी से कई बीमारियां और चर्म रोग से मुक्ति मिल जाती है। वशिष्ठ, क्लाथ, ब्यास कुंड, दशहर झील, राणी सुई, छिका, हामटा, भृगु झील और देवता जमदग्नि ऋषि के 12 तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष जयचंद ठाकुर ने कहा कि तीर्थ स्थलों पर देव पूजन के साथ पवित्र स्नान किया।