अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। घटिया आटा बेचने पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के नियंत्रक ने मौहल डिपो का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। इस संबंध में विभाग ने जांच भी बिठा दी है। विस्तृत जांच का जिम्मा निरीक्षक कुल्लू को सौंपा गया, जो रिपोर्ट तैयार कर डीएफएससी कुल्लू को सौंपेंगे। रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अमर उजाला ने 20 जुलाई को इस खबर को प्रमुखता से उठाया था। इस पर डीएफएससी कुल्लू ने कड़ा संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की है।
डीएफएससी पुरुषोत्तम सिंह ने खुद मौहल डिपो का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में डिपो संचालक की लापरवाही पाई गई है। लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद अब मौहल डिपो संचालक डिपो संबंधी कोई गतिविधि आगामी आदेश तक नहीं कर सकेगा। मौहल डिपो के 140 उपभोक्ताओं को जांच तक द वेजीटेबल ग्रोअर कोऑपरेटिव सोसायटी को स्थानांतरित किया गया है। टीम ने मौके पर दो आटे के सैंपल भी भरे हैं। एक सैंपल स्टॉक और एक सैंपल उपभोक्ता की ओर से लाए गए आटे से भरा गया है। उन्हें जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। अब उक्त डिपो संचालक को विभाग की तरफ से नोटिस भेजकर जवाब तलब किया जाएगा और अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि डिपो संचालक ने बिना देखे गोदाम से बिना चेक किए ही आटा स्टॉक उठाया और इसी तरह बिना देखे ही उपभोक्ता को थमा दिया, जबकि पहले ही सभी डिपो संचालकों को चेक करने के बाद आटा स्टॉक उठाने व आगे उपभोक्ताओं को देने के निर्देश दिए हैं। गौर रहे कि बरसात के दौरान नमी युक्त घटिया आटा मिलने की शिकायत मौहल क्षेत्र से मिल रही थी। उधर, डीएफएससी पुरुषोत्तम सिंह ने कहा कि मौहल डिपो का लाइसेंस सस्पेंड किया गया है। नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।