गायनी के दोनों विशेषज्ञों ने सेवाएं देने से किया इंकार
क्षेत्रीय अस्पताल प्रशासन ने आरकेएस के तहत किया था हॉयर
अब कुल्लू अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की मुश्किलें बढ़ीं
सिजेरियन के लिए मंडी रेफर करनी पड़ रहीं गर्भवती महिलाएं
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। चार जिलों के मरीजों को सुविधा देने वाले 300 बिस्तरों के क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में तीन-चार महीने से सेवाएं दे रहे दो गायनी विशेषज्ञों ने अब अपनी सेवाएं देने से मना कर दिया है। इन विशेषज्ञों को अस्पताल प्रशासन ने आरकेएस के तहत बाहर से हॉयर किया गया किया गया था। अस्पताल में हाल ही में पेश आए विवाद के बाद एकाएक ही डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं खत्म कर दी हैं।
कुल्लू अस्पताल में एक साल के गायनी विशेषज्ञों के पद खाली होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है लेकिन अब दोबारा से गर्भवती महिलाओं की दिक्कतें बढ़ र्गइं और अस्पताल प्रशासन गर्भवती महिलाओं को सिजेरियन के लिए मंडी अस्पताल के लिए रेफर करने को मजबूर है। शुक्रवार को भी गर्भवती महिलाओं को मंडी के लिए रेफर किया गया।
कुल्लू, लाहौल-स्पीति जिला के अलावा पांगी, किलाड़, मंडी जिला के द्रंग विस क्षेत्र और बालीचौकी के लोग अपने उपचार के लिए कुल्लू अस्पताल ही आते हैं। लेकिन गायनी विशेषज्ञों के दोनों पद एक साल से खाली होने से इसका खामियाजा इन चार जिलों के मरीजों का उठाना पढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने इन पदों को भरने के लिए सरकार, मंत्री, स्वास्थ्य विभाग के एमडी और निदेशक को कई बार गुहार लगाई है लेकिन कोई भी स्थायी हल नहीं निकल सका है।
शहरवासी राजेंद्र कुमार, बंटी ठाकुर, शेर सिंह, देवी सिंह, अमर सिंह, संगीता, निर्मला कुमारी, नेहा, कुब्जा देवी, चमन लाल, हरि सिंह, दयाल सिंह, केशव राम तथा तिलकराज का कहना है कि क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों का उपचार राम भरोसे चल रहा है। चिकित्सकों के नहीं होने से लोगों को निजी अस्पतालों में मंहगा उपचार करना पड़ रहा है। गायनी विशेषज्ञ नहीं होना सरकार की लापरवाही दर्शा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से कुल्लू अस्पताल में गायनी विशेषज्ञ के खाली पड़े दोनों पदों को भरने की मांग की है।
इस संदर्भ में कुल्लू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ केएस मल्होत्रा ने कहा कि उन्होंने दो गायनी चिकित्सकों को आरकेएस के तहत बाहर से हायर किया था। लेकिन अब दोनों गायनी चिकित्सकों ने 26 जून से अपनी सेवाएं देने से मना कर दिया है। उन्होंने इसके बारे में सरकार को रिपोर्ट भेज दी है।
यह है मामला
कुछ दिन पहले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में गायनी विशेषज्ञ पर महिला मरीजों ने बदसलूकी करने का आरोप लगाया था। बताया जा रहा है कि सामान्य चेकअप के लिए महिला डॉक्टर के पास पहुंची थी। जबकि यह डॉक्टर केवल इमरजेंसी, आपरेशन व गंभीर उपचार के लिए हायर किए गए थे।