कुल्लू। विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन वापसी के बाद चुनावी मैदान में टिकने वाले उम्मीदवारों के नाम स्पष्ट हो गए हैं। भाजपा व कांग्रेस कुल्लू जिला में अधिकत्तर बागियों को मनाने सफल हुई है। टिकट के लिए धड़ों में बंटी भाजपा और कांग्रेस विधानसभा चुनाव के लिए एकजुट हो गए हैं।
एकजुटता के साथ कांग्रेस मिशन रिपीट व भाजपा मिशन 50 प्लस के लिए धरातल स्तर पर जुट गए हैं। कुल्लू जिला के चारों विधानसभा चुनाव में भाजपा व कांग्रेस में टिकट के लिए कई उम्मीदवार दौड़ में थे। टिकट न मिलने की सूरत पर बगावत भी हुई। कई उम्मीदवारों ने आजाद उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भी भरा, लेकिन दोनों ही दल डैमेज कंट्रोल करने में सफल रहे। अधिकतर बागियों को मनाकर नामांकन पत्र वापस लिया गया और टिकटार्थी के साथ चलने का आह्वान किया। हालांकि कुल्लू सदर में कांग्रेस, मनाली में भाजपा के कुछ नेता अब भी बतौर किसी अन्य दल व आजाद चुनावी मैदान में है। टिकट की दौड़ जीतने के लिए कई धड़ों में बंटी कांग्रेस व भाजपा के बागी उम्मीदवार अब टिकटार्थियों के साथ हो गए हैं और अपने-अपने मिशन को पूरा करने के लिए जुट गए हैं।
बंजार में युवाओं के बीच होगी कांटे की टक्कर
बंजार विधानसभा में इस बार चुनावी मुकाबला रोचक होगा। भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र शौरी और कांग्रेस प्रत्याशी आदित्य विक्रम सिंह के बीच कांटे की टक्कर होगी। भाजपा और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवार युवा हैं और दोनों ही पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। आदित्य विक्रम सिंह को उनके पिता व पूर्व मंत्री स्वर्गीय कर्ण सिंह की राजनीतिक विरासत मिली है। सुरेंद्र शौरी वर्तमान जिप सदस्य हैं।
बंजार और आनी में नहीं हुई बगावत
बंजार और आनी विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस विस चुनाव के लिए सार्वजनिक तौर पर बगावत नहीं हुई। दोनों ही जगह दोनों दलों से टिकटार्थी के अलावा कोई भी नेता चुनावी मैदान में नहीं उतरा। जबकि मनाली और कुल्लू में बगावत सामने आई है। जिसे काफी हद तक शांत कर लिया गया है।