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दस्तावेजों न होने से 42 होटल चल रहे बंद

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अमर उजाला ब्यूरो
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कुल्लू। विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षक बनी पार्वती घाटी में बिना दस्तावेजों के बनाए गए 42 से अधिक होटल करीब छह से सात महीनों से बंद चल रहे हैं। इन व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों के पास कागजात पूरे नहीं होने से इनमें लगी सील को नहीं खोला जाएगा।
हैरानी की बात है कि पार्वती घाटी की विभिन्न जगहों पर बनाए गए होटलों, रेस्तरां और होम स्टे में से आधा दर्जन से अधिक प्रतिष्ठान वन भूमि पर पाए गए हैं। ऐसे में इन होटलों की सील खोलना आसान नहीं है। ऐसे में इन होटल मालिकों की नजर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है। इतना ही नहीं हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई में पार्वती वैली में दो दर्जन से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठान ऐसे हैं, जो आंशिक रूप से सरकारी जमीन पर पाए गए हैं। लेकिन इन लोगों ने अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं की है। इन होटलों की सील को अवैध कब्जा छोड़ने के बाद ही तोड़ा जाएगा। पहले राजस्व विभाग के कानूनगो इसकी निशानदेही करेंगे, इसके बाद इसके मिलान के लिए तहसीलदार की ओर से निशानदेही की जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद पार्वती घाटी में 200 से अधिक होटलों, रेस्तरां और होम स्टे की जांच की गई थी। निशानदेही के बाद जिन प्रतिष्ठानों में खामियां पाई गई, उन्हें सीलबंद कर दिया गया था। इसमें जरूरी दस्तावेजों को पूरा करने के बाद जांच के लिए गठित टास्क फोर्स में 100 से अधिक होटलों का बहाल कर दिया है। इनके पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, आईपीएच, टीसीपी तथा जिला पर्यटन विभाग की एनओसी थी और न ही पंजीकरण किया गया था।
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पार्वती घाटी में अभी 42 से अधिक व्यवसायिक प्रतिष्ठान सीलबंद हैं। इन लोगों के पास किसी तरह के दस्तावेज नहीं हैं। इनमें कुछ होटल अवैध रूप से वन भूमि पर भी बनाए गए हैं। सील किए गए होटलों, रेस्तरां और होम स्टे को नियम के तहत चलाने के लिए जिन लोगों ने दस्तावेजों को पूरा किया है, उन्हें बहाल किया जा रहा है।
-अनुराग चंद्र शर्मा, एसडीएम कुल्लू
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