फलावरिंग के समय रखें मधुमक्खियों के बाक्स
बागवानों को विशेषज्ञों ने दी सलाह, सेब सेटिंग में मधुमक्खी की अहम भूमिका
बगीचों में परागण के लिए पॉलीनेशन वैरायटी होना जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। सेब की बेहतर पैदावार के लिए बागवानों को बगीचों में मधुमक्खियों के बाक्स रखने चाहिए। अच्छी सेटिंग के लिए मधुमक्खियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बगीचों में फ्लावरिंग के समय मधुमक्खियां परागण प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाती हैं। इससे फलों की सेटिंग और गुणवत्ता बढ़ जाती है। मधुमक्खी एक से दूसरे फूल तक परागण पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
बगीचों में परागण के लिए पॉलीनेशन जैसी वैरायटी का होना बहुत जरूरी है। इन्हीं फूलों के परागण से फलों की सेटिंग भी उम्दा हो जाती है। लिहाजा बागवानों को अपने बगीचों में मधुमक्खी के बाक्स अवश्य रखने चाहिए। ऐसे में सेब की पैदावार कई गुना बढ़ जाती है। घाटी के बागवान अमित, अशोक, चमन, कैलाश ठाकुर, महेश शर्मा, मोहन ठाकुर, देवराज नेगी, प्रताप पठानिया, चंदेराम तथा चुनी ठाकुर आदि ने कहा कि पिछले कुछ साल से वे अपने बगीचों में मधुमक्खियों के बाक्स फूल आने के समय रख रहे हैं। इससे उनके बगीचों में फलों की सेटिंग बेहतर होती है। इसके परिणाम काफी सकारात्मक देखने को मिले हैं। फलोत्पादक मंडल के प्रधान राजगीर महंत बताते है कि फलावरिंग के समय फलोत्पादक मंडल भी बागवानों को मधुमक्खियों के बाक्स को मधुमक्खी पालक से किराये पर मुहैया करवाता है। कहा कि बाहरी राज्यों से कई मधुमक्खी पालक बाक्स लेकर आते हैं और फलोत्पादक मंडल से संपर्क कर बागवानों को किराये पर देते हैं। उधर, उद्यान विभाग के विकास अधिकारी उत्तम पराशर कहते हैं कि मधुमक्खी की सेब उत्पादन में अहम भूमिका होती है। उन्होंने बागवानों को सलाह दी है कि भरपूर फूलों के खिलने के समय मधुमक्खियों को अपने बगीचों में रखें।
एक दिन में जाती है पांच हजार फूलों पर
बागवानी विभाग के उपनिदेशक राकेश गोयल ने कहा कि एक मधुमक्खी एक दिन में पांच हजार फूलों पर जाती है। उन्होंने कहा कि वह 20 से 22 डिग्री तापमान में अधिक कार्य करती है। बेहतर पैदावार के लिए बागवानों को फलावरिंग के समय मधुमक्खी के बाक्स रखने चाहिए।