अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। भारी बारिश से जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मूसलाधार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर उफान पर होने से बजौरा से लेकर मनाली तक अफरातफरी मच गई। बाढ़ का असर पेयजल स्कीमों पर पड़ा है। इससे कुल्लू शहर के लोगों को पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सरवरी खड्ड में आई बाढ़ से कुल्लू शहर को जोड़ी गई खलाड़ानाला पेयजल स्कीम में भी मटमैला पानी आने से आईपीएच विभाग ने 22 सितंबर शाम से योजना को बंद कर दिया है। रविवार सुबह भी पानी नहीं आने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी की टंकी खाली होने से लोगों को बारिश के पानी से ही गुजारा करना पड़ा। खाना बनाने के लिए हैंडपंपों से पानी ढोना पड़ा है। हालांकि रविवार दोपहर को विभाग ने कुछ घंटे तक पानी छोड़ने का दावा किया है। उमा देवी, तेज राम, निका राम, लाल सिंह, जगदीश, बालक राम, भाग चंद, प्रेम सिंह, प्रवेश कुमार, दिशा ठाकुर, प्रेम लाल और स्नेहा ने कहा कि रविवार सुबह उनके नलों में पानी की एक बूंद भी नहीं है। उन्हें बारिश में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि कुछ जगहों पर आईपीएच के नलों में मटमैला पानी आ गया। आईपीएच कुल्लू के अधिशासी अभियंता केआर कुल्लवी ने कहा कि शहर को जोड़ी गई पेयजल स्कीम को सरवरी नदी में आई भारी बाढ़ के चलते एहतियात के तौर बंद कर दिया है। पेयजल योजना में बाढ़ का पानी आने से शहर को मटमैले पानी की सप्लाई होने से इसे फिलहाल बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि रविवार को कुछ समय के लिए पानी को छोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि जब तक बारिश रुक नहीं जाती है तब तक पेयजल की सप्लाई को सुचारु रूप से नहीं चलाया जा सकता है। इससे निपटने के लिए विभाग ने शहर में जगह-जगह हैंडपंपों को स्थापित किया है।