अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। नेशनल हाईवे के फोरलेन बनाए जाने तथा विस्तारीकरण से सड़कें चौड़ी हो रही हैं। इससे वाहनों की आवाजाही सुगम बननने लगी है। लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि सड़कों के निर्माण के लिए की जा रही खुदाई से सड़क के साथ लगते दर्जनों मकानों में दरारें आ चुकी हैं। ऐसे में कोई बड़ा हादसा पेश आ सकता है।
शुक्रवार को सड़क के विस्तारीकरण के लिए हुई खुदाई के चलते पतलीकूहल पुलिस चौकी के सामने बड़ाग्रा पुल पर पेश आए हादसे में भी घायल महिलाओं की जान बाल-बाल बची है। चौकसी के चलते कड़ी मशक्कत कर महिलाओं को मलबे से निकाला गया। प्रत्यक्षदर्शी राम सिंह, सुमेश कर्मा, दकती देवी, बिमला, राकेश और रोहित का कहना है कि हादसे के दौरान जोर की गड़गड़ाहट की आवाज आई, जिसे सुनकर साथ सटी पुलिस चौकी से पुलिस कर्मी और अन्य लोग एकदम मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। यही हादसा रात के समय पेश आता तो कोई बड़ा अनहोनी हो सकती थी। बताया जा रहा है कि शांति देवी और बीना देवी पूरी तरह से पत्थरों में समा गई थीं। लेकिन पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बीना देरी किए उन्हें वहां से निकाल कर अस्पताल पहुंचा दिया। इस हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पतलीकूहल हादसे के अलावा देउधार में छह मकान, बंदरोल कैंची मोड़, तलोगी गांव में छह मकानों समेत रामशिला से लेकर तलोगी तक करीब दो दर्जन मकानों में दरारें आ चुकी हैं। इसके बाद लोग इन मकानों में जाग कर रातें काट रहे हैं। हालांकि पीड़ित लोग प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचा रहे हैं। लेकिन अभी तक उन्हें इसका वाजिब मुआवजा नहीं मिल पाया है। वहीं, डीसी कुल्लू यूनुस ने बताया कि फोरलेन निर्माण कंपनी को संजीदगी के साथ जमीन की कटिंग करने को कहा गया है।