अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला कुल्लू में लंबे अरसे के बाद हुई बारिश से जिला का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। हालांकि सूखे व भारी गर्मी से घाटीवासियों ने राहत की सांस ली है। रविवार देर रात शुरू हुई बारिश से कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे पेड़ गिरने तथा भारी भूस्खलन होने से चार घंटे तक बंद रहा। इसके चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसमें पर्यटकों की वोल्वो सहित मनाली, लाहौल व लेह की तरफ जा रहे तेल के टैंकर भी फंसे रहे। बारिश से जिला में भूस्खलन से एचआरटीसी के करीब एक दर्जन रूट प्रभावित हो गए हैं। कई जगहों पर एचआरटीसी की बसें कीचड़ व दलदल में फंस गई।
बांहनु के पास सोमवार सुबह करीब छह बजे एक विशालकाय पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। पेड़ को हटाने में घंटों का समय लगा। ऐसे में बारिश से राहगीरों और पर्यटकों को परेशान होना पड़ा और मनाली-कुल्लू मार्ग में भी जोखिम बढ़ गया है। इसके अलावा कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे पर रांगड़ी, बांहनु, आलू ग्राउंड, क्लॉथ, 17 मील, 15 मील, पतलीकूहल, डोभी व रायसन तक लगातार पत्थर व मलबा गिरने का दौर जारी रहा। मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक हफ्ते की चेतावनी जारी कर दी है। पर्यटकों व आम लोगों को ब्यास नदी के साथ अन्य संवेदनशील इलाकों की ओर न जाने की हिदायत है। इसके अलावा रोहाचला, करशाला, घुहाटन, बठाहड़-दोगड़ा, ग्राहों, सजवाड़, तांदी के अलावा मलाणा आदि सड़कों पर खतरे को देखते हुए बसों को गंतव्य तक नहीं भेजा है। उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि बरसात को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी के आधार पर एक हफ्ते तक अलर्ट किया गया। पर्यटकों व लोगों को मौसम भांपकर ही आवाजाही करने को कहा गया है। इसके लिए सभी एसडीएम व आपदा प्रबंधन को भी अलर्ट किया गया जा रहा है।