अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। शहर के कायाकल्प के लिए चल रही अम्रुत योजना जिला मुख्यालय कुल्लू में पिछड़ती जा रही है। वर्ष 2016 में शुरू हुई अम्रुत योजना के तहत कुल्लू शहर में एक भी कार्य सिरे नहीं चढ़ा है, जिसका आम लोगों को लाभ नहीं मिल रहा। 66 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना में 90 फीसदी कार्य शुरू नहीं हो पाए।
शहर में जो विकास कार्य चल रहे हैं, उनकी गति बहुत धीमी है। नगर परिषद कुल्लू ने शहर के कुछ हिस्से में ड्रेनेज सिस्टम के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल के लिए हर वार्ड में 11 वाटर एटीएम लगाने का कार्य शुरू किया है। लेकिन काम में तेजी न होने से ये समय पर पूरा नहीं हो रहे हैं। शहर में होने वाले विकास कार्यों में पार्किंग, पार्कों का निर्माण, सीवरेज नेटवर्क, बारिश के पानी का संरक्षण, पेयजल नेटवर्क तथा सीवेज प्लांटों की अपग्रेडशन आदि शामिल है। इससे शहर के लोगों में प्रशासन व नगर परिषद के प्रति भारी रोष है। शहरवासी प्रेम सिंह, राजेंद्र सिंह, शेर सिंह, जगदीश ठाकुर, लाल सिंह, पुने राम, भीम सिंह, नरोत्तम ठाकुर, चुनी लाल, राम सिंह और चमन लाल का कहना है कि शहर के विकास के लिए शुरू की गई अम्रुत योजना प्रशासन, नगर परिषद व संबंधित विभागों की लापरवाही से आगे नहीं बढ़ रही है। एडीएम कुल्लू अक्षय सूद ने कहा कि कुछ तकनीकी वजहों से योजना का कार्य आगे नहीं बढ़ रहा था। प्रशासन की ओर से बार-बार योजना के निर्माण कार्यों को तेज से करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
पार्षद ने उठाए निर्माण पर सवाल
कुल्लू। अम्रुत योजना के तहत पहले चरण में अखाड़ा बाजार में ड्रेनेज का काम चल रहा है। इसकी डिजाइनिंग व निर्माण पर नगर परिषद कुल्लू के वार्ड नंबर एक के पार्षद राजेंद्र सूद ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि योजना के तहत ड्रेनेज का निर्माण ठीक ढंग से नहीं किया गया है।
ईओ समेत चार लिपिक नहीं
नगर परिषद कुल्लू में कई अधिकारियों व कर्मचारियों के पद खाली चल रहे हैं। नगर परिषद कुल्लू में कार्यकारी अधिकारी (ईओ) सहित चार लिपिकों के पद खाली चल रहे हैं। इसकी वजह से अम्रुत योजना को गति नहीं मिल रही है।