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बीआरओ ने छेड़ी रोहतांग फतह करने की मुहिम

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बीआरओ ने छेड़ी रोहतांग फतह करने की मुहिम
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दर्रे को मार्च अंत तक बहाल करने का लक्ष्य निर्धारित
एक माह पहले खुल सकता है मनाली-लेह सामरिक मार्ग
अमर उजाला ब्यूरो
मनाली/केलांग/कोकसर। 485 किलोमीटर लंबे मनाली-लेह सामरिक मार्ग को बहाल करने के लिए बीआरओ ने मुहिम छेड़ दी है। सोमवार को मढ़ी के समीप ब्यास नाला से मिशन स्नो क्लीयरेंस का आगाज किया गया। विधिवत पूजा अर्चना के बाद बीआरओ के 38 टास्क फोर्स के कमांडर कर्नल एके अवस्थी ने हरी झंडी दिखा कर मशीनों को रोहतांग की तरफ रवाना किया।
उम्मीद की जा रही है कि इस बार रोहतांग दर्रा मार्च अंत तक वाहनों की आवाजाही के लिए खुल जाएगा। इस साल करीब एक माह पहले सेना के वाहन लद्दाख बॉर्डर की तरफ कूच कर सकेंगे। बीआरओ ने मनाली की तरफ से ब्यासनाला और लाहौल की ओर से कोकसर से बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है। सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग से बीआरओ की टीम ने तीन छोर से बर्फ हटाने की मुहिम सोमवार से शुरू कर दी है। मौसम अनुकूल रहा तो 13050 ऊंचे रोहतांग, 16137 फुट बारालाचा, 17580 फुट ऊंचा तंगलंगला और 16690 फुट ऊंचा लचुंगला रिकॉर्ड समय में खुलने की उम्मीद है। इधर, लाहौल की ओर से उदयपुर स्तिथ 94 आरसीसी कोकसर से रोहतांग फतह करने को अभियान छेड़ दिया है। स्तींगरी स्थित 70 आरसीसी की टीम ने दारचा से बारालाचा दर्रे की तरफ कूच कर लिया है। बीआरओ के जांबाज रोहतांग दर्रा को बहाल करने के लिए गुलाबा से आगे बढ़ गए हैं। इस साल रोहतांग और बारालाचा तथा कुंजम दर्रा सहित घाटी में बहुत कम बर्फ हुई है।
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बीआरओ के कमांडर कर्नल एके अवस्थी ने बताया कि तीनों स्थानों पर सोमवार सुबह विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बीआरओ को रोहतांग के साथ बारालाचा दर्रे की तरफ रवाना कर दिया है। बारालाचा और रोहतांग दर्रा यातायात के लिए खुलने के बाद कुंजम दर्रा को बहाल करने का अभियान छेड़ा जाएगा। यह दर्रा स्पीति को लाहौल घाटी से जोड़ता है। लोनिवि चिनाब डिजीवन ने भी घाटी के भीतर संपर्क मार्गों को बहाल करने में का अभियान छेड़ दिया है।
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वहीं इस संबंध में लोनिवि के अधिशाषी अभियंता चमन ठाकुर ने बताया कि करीब 50 फीसदी से अधिक संपर्क मार्गों को बहाल कर दिया गया है। मनाली-केलांग मार्ग बहाल होने के बाद रोहतांग दर्रा को सैलानियों के लिए इस बार जल्द खोल दिया जाएगा।
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