फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तबीयत खराब के बहाने से आठ बच्चों ने नहीं खाया खाना

विज्ञापन
विज्ञापन
तबीयत खराब के बहाने से
विज्ञापन

8 बच्चों ने नहीं खाया खाना
हाई स्कूल चेष्टा में जातीय भेदभाव मामले में नहीं सुधरी व्यवस्था
मिड डे मील में रोल नंबर वाइज बच्चों को नहीं बैठा पाए अधिकारी
अन्य बच्चों ने सामूहिक रूप से मिड डे मील में ग्रहण किया भोजन
विद्यार्थियों को जागरूक करने में जुटी टीम, स्कूल में डाला ढेरा
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। हाई स्कूल चेष्टा में जातीय भेदभाव मामला सामने आने के बाद क्लीनिकल मनोचिकित्सक और अन्य नियमित रूप से बच्चों और अन्य को जागरूक कर रहे हैं। बावजूद इसके कई बहाने बनाकर बच्चे मिड डे मील ग्रहण नहीं कर रहे हैं। शुक्रवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। तबीयत खराब होने का बहाना कर आठ बच्चों ने खाना नहीं खाया। वहीं अन्य बच्चों ने भी रोल नंबर के बजाए समूह में ही मिड डे मील ग्रहण किया है। इस स्कूल में रोल नंबर वाइज मिड डे मील अभी तक स्कूल प्रबंधन व प्रशासन नहीं खिला पाया है।
विज्ञापन

हाई स्कूल चेष्टा में पीएम नरेंद्र मोदी परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के दौरान जातीय भेदभाव के बाद मिड डे मील में भी जातिगत भेदभाव होने का मामला सामने आ चुका है। जिसे दूर करने के लिए अब डीसी युनूस बच्चों और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए काम कर रहे हैं। हालांकि अभी तक कुछ खास सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ पाए हैं। बच्चे मिड डे मील ग्रहण तो कर रहे हैं, लेकिन इसमें रोल नंबर को दरकिनार किया जा रहा है। वहीं, सामूहिक तौर पर ही भोजन किया जा रहा है। कड़ी मेहनत कर बच्चों केे समझाया व जागरूक किया जा रहा है और उन्हें नैतिक मूल्यों की भी जानकारी दी जा रही है। इसके बावजूद कुछ बच्चे बहाने कर खाना नहीं खा रहे हैं। वीरवार को दो बच्चों ने खाना नहीं खाया था। वहीं शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर आठ हो गई है। शुक्रवार को निरीक्षण विंग के उपनिदेशक बलवंत ने मौके पर जाकर दौरा किया और जायजा लिया। वीरवार को स्कूल स्टाफ बदल दिया गया और मामले में दो एसएमसी शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। जिससे शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है। इधर, निरीक्षण विंग के उपनिदेशक बलवंत ने कहा कि बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। आठ बच्चों ने तबीयत खराब होने बारे बताया है और मिड डे मील ग्रहण नहीं किया। विभागीय टीमें लगातार स्कूल की सभी चीजों पर निगरानी रखे हुए है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें