कुल्लू। गत 9 नवंबर को विधानसभा चुनाव मेें हुए मतदान की मतगणना के दौरान तिहरा पहरा रहेगा। मोबाइल तक ले जाने में मनाही रहेगी। स्ट्रांग रूम से कुछ दूरी में ही मतगणना केंद्र होंगे। इस दौरान पुलिस, बटालियन और पैरामिलिट्री फोर्स सुरक्षा में तैनात रहेगी। मतगणना को लेकर अधिकारी 15 दिसंबर को अभ्यास करेंगे। उपमंडल स्तर पर हर हल्के की मतगणना होगी।
तिहरे सुरक्षा चक्र में सबसे पहले हिमाचल पुलिस तैनात होगी। बीच में बटालियन और आखिरी में पैरामिलिट्री फोर्स मोर्चा संभालेगी। पहले चक्र से आगे कोई भी वाहन नहीं जा सकेगा। बटालियन से आगे मोबाइल ले जाने पर अनुमति नहीं होगी। वहीं, पैरामिलिट्री फोर्स केवल ड्यूटी पर लगे कर्मचारी व अधिकारियों समेत अधिकृत लोगों को ही आगे जाने देंगे। मतगणना केंद्र के साथ मीडिया और पब्लिक कम्यूनिकेशन केंद्र भी बनेंगे। मतगणना केंद्र में केवल निर्वाचन अधिकारी व आबजर्वर ही मोबाइल ले जा सकेंगे। केंद्र की वेब कास्टिंग होगी और वीडियोग्राफी भी की जाएगी। वेब कास्टिंग सार्वजनिक नहीं होगी। यह पारदर्शिता व कमीशन के लिए ही होगी। मतगणना केंद्र में एक टेबल पर तीन अधिकारी और कर्मचारी सेवाएं देंगे। जिनमें एक सुपरवाइजर, एक काउंटिंग सहायक, एक माइक्रो आबजर्वर शामिल हैं। 18 दिसंबर को सुबह आठ बजे से मतगणना होगी। जिसमें सबसे पहले पोस्टल बैैलेट की गणना होगी। वहीं, पहली बार ईटीपीवीएस की गणना भी होगी। जिसमें बार कोडर को स्कैन किया जाएगा। मतगणना ड्यूटी में ईवीएम ले जाने व सामान्य रास्ता भी अलग-अलग होगा। इधर, जिला निर्वाचन अधिकारी व डीसी कुल्लू युनूस ने बताया कि विस चुनाव की मतगणना को लेकर सभी तैयारियां पुख्ता की जा रही हैं। मनाली, कुल्लू और बंजार में 15 दिसंबर को रिहर्सल की जाएगी। सुरक्षा को लेकर भी कड़े इंतजाम किए गए हैं।
कुल्लू जिला के चार मतगणना केंद्रों में कुल 48 टेेबल में गिनती होगी। हर केंद्र में एक-एक टेबल आरओ का होगा। जिसमें पोस्टल बैैलेट पेपर की गणना की जाएगी और अन्य 44 टेबल होंगे। कुल्लू में 14, मनाली में 8, बंजार में 10 और आनी में 12 टेबल होंगे। चारों जगह आरओ का एक-एक टेबल अतिरिक्त होगा। लाहौल-स्पीति जिला में बर्फबारी को देखते हुए विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के बाद ईवीएम मशीन सुरक्षित भुंतर पहुंचाई गई हैं। जिला की एकमात्र सीट की मतगणना भुंतर में होगी।