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कांग्रेस-भाजपा ने एक बार फिर पुराने योद्धाओं पर खेला दाव

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केलांग (लाहौल-स्पीति)। कांग्रेस और भाजपा ने सियासी रणक्षेत्र में एक बार फिर अपने पुराने योद्धाओं को उतारा है। माना जा रहा है कि कांग्रेस के मौजूदा विधायक रवि ठाकुर ओर भाजपा के पूर्व मंत्री मार्कंडेय का चुनाव में सीधी टक्कर है। 2012 के चुनाव में रवि ठाकुर ने मार्कंडेय को 3696 वोटों से शिकस्त देकर कांग्रेस का परचम लहराया था।
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चुनाव में रवि ठाकुर को 10187 और मार्कंडेय को 6491 वोट पड़े। हालांकि पिछला विधानसभा हारने के बावजूद भाजपा हाईकमान ने पूर्व मंत्री मार्कंडेय पर फिर से भरोसा जताते हुए उन्हें सियासी मैदान में उतारा है। 2003 में जनजातीय विधानसभा क्षेत्र में पहली बार कमल खिलाने वाले मार्कंडेय पर भाजपा ने फिर दांव लगाया है। मार्कंडेय ने नामांकन भरने से पहले ही अपना चुनाव प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। जबकि रवि ठाकुर शनिवार को नामांकन भरने के बाद प्रचार अभियान शुरू करने जा रहे हैं। साल 1998 में भी रवि ठाकुर और मार्कंडेय विधानसभा चुनाव लड़े थे। उस दौरान मार्कंडेय ने 5113 वोट लेकर कांग्रेस प्रत्याशी ठाकुर रघुवीर सिंह को महज 646 वोटों से हराया था। रघुवीर को 4467 मत मिले थे। तब आजाद प्रत्याशी चुनाव लड़ने वाले रवि ठाकुर को 3970 वोट मिले। रवि ठाकुर अब तक दो चुनाव लड़े हैं। जिसमें उन्हें एक में हार और एक में जीत हासिल हुई है। वहीं मार्कंडेय अब तक चार बार चुनाव में उतरे हैं और 2 बार जीते तथा 2 बार हारे हैं। जनता और प्रशासन में मार्कंडेय की छवि दबंग नेता के तौर पर बनी है। वहीं रवि ठाकुर मृदुभाषी और मिलनसार स्वभाव के माने जाते हैं।
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