बंजार (कुल्लू)। जिला कुल्लू में तीर्थन घाटी की ट्राउट मछली देश भर में विख्यात है। वहीं विभाग और सरकार की लापरवाही के चलते जिला में मछली उत्पादन निम्न स्तर पर हो रहा है। तीर्थन के हामणी ट्राउट फिश फार्म पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए। वहीं इसमें मछली उत्पादन शून्य ही है। वर्ष 2005 में तीर्थन नदी में आई बाढ़ से ट्राउट फिश फार्म पूरी तरह से तहस-नहस हो गया था।
जानकारी के अनुसार बाढ़ के बाद फार्म को नागनी की जगह हामणी में 3.33 करोड़ का बजट पारित करके 2008 में निर्माण कार्य पूरा हो जाने की घोषणा कर दी गई लेकिन 12 सालों के बाद भी फार्म को संचालित नहीं किया जा सका है। विभाग और सरकार की लापरवाही के चलते लोगों में भारी रोष है।
ग्रामीण रोशन लाल, सुमेश राणा, टेक सिंह, लाल सिंह, रमेश शर्मा ने कहा कि इतने वर्ष बीत जाने के बाद ट्राउट फ ार्म को संचलित क्यों नहीं किया गया। भाजपा व काग्रेंस की दोनों सरकारों की लापरवाही का खामियाजा यहां की जनता को भुगतना पड़ा है।
पर्यटन व्यवसायी टेक सिंह, ऐलू राम, ललित, लीना ठाकुर, संदीप कंवर, रोशन, आशीष, सत्यन, रॉकी नेगी, सुधीर और जिला कुल्लू ट्राउट कंजरवेशन एवं एंग्लिग एसोसिएशन के महासचिव यादवेंद्र कंवर के अनुसार हामणी ट्राउट को सुचारू रूप से चलाने पर बंजार घाटी में पर्यटन गतिविधियों में इजाफा होगा। वहीं सराज टूरिज्म डेवलेपमेंट एसोसिएशन के संयोजक और प्रधान मोहर सिंह राठौर, ग्राम पंचायत पलाहच प्रधान फूला देवी नेगी के अनुसार तीर्थन घाटी ट्राउट फिश के लिए मशहूर है। इससे लोगों की आर्थिकी भी सुधरेगी।
बंजार से भाजपा के पूर्व विधायक एवं पूर्व वनमंत्री खीमी राम शर्मा ने कहा कि जब भाजपा की सरकार प्रदेश में थी तो ट्राउट फार्म के लिए बजट का प्रावधान कर इसे तैयार करवाया गया लेकिन कांग्रेस सरकार ने इस पर कोई काम नहीं किया।
बंजार से पूर्व विधायक एवं दिवंगत आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह के पुत्र आदित्य विक्रम सिंह के अनुसार हामणी ट्राउट फिश फार्म विधायक की प्राथमिकता में था। कुछ त्रुटियां इसमें रह गईं। अगर जनता उन्हें मौका देती है तो इन त्रुटियों को दूर किया जाएगा।
वहीं मत्स्य विभाग के निदेशक एसपी मेहता के अनुसार कुछ कार्य ठेकेदार की लापरवाही के कारण अटका हुआ है जिसे भी जल्द पूरा कर दिया जाएगा। हामणी ट्राउट फार्म को जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।