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बदसूरती-औलाद के मंचन से आंखें नम

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नाटक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
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कुल्लू। एक्टिव मोनाल कल्चरल एसोसिएशन के वार्षिक नाट्योत्सव कुल्लू रंग मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में लालचंद प्रार्थी कलाकेंद्र में सहादत हसन मंटो की दो कहानियों बदसूरती तथा औलाद का प्रस्तुतीकरण केहर सिंह ठाकुर के निर्देशन में किया। एकल अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत की गई इन कहानियों में पहले सीता ने बदसूरती प्रस्तुत की और उसके बाद कविता ने औलाद का सफल प्रस्तुतीकरण किया। दोनों अभिनेत्रियों के सधे हुए अभिनय से दर्शकों की आंखें नम हो गई।
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बदसूरती एक ऐसी लड़की हमीदा की कहानी है, जो देखने में सुंदर नहीं है, जबकि उसकी छोटी बहन साजिदा काफी खूबसूरत है। हमीदा को उसके रूप से जलन होती है। जब शादी की बात आती है तो हमीदा के लिए कोई वर नहीं मिलता, जबकि साजिदा की शादी हामिद नामक एक लड़के से हो जाती है। लेकिन समय ऐसी करवट लेता है कि हामिद साजिदा को तलाक देकर हमीदा से ही शादी कर लेता है। दूसरी कहानी औलाद एक ऐसी औरत की कहनी ह,ै जिसकी औलाद नहीं होती। वह परेशान होकर पागलों जैसे हरकतें करने लगती है। उसका पति एक बच्चा लेकर आता है, ताकि उसकी पत्नी का मानसिक संतुलन बना रहे। वह बच्चे को स्तनपान करवाना चाहती है। लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाती है। ऐसे में वह अपने स्तन को छुरी से काट देती है और मर जाती है।
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