वन विभाग ने फाटी खोखण में 17 अवैध कब्जे किए चिन्हित
भुंतर नंगर पंचायत की कार्रवाई के बावजूद हो रहे अवैध कब्जे
अमर उजाला ब्यूरो
भुंतर (कुल्लू)। जिला के प्रवेशद्वार भुंतर में वन भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए नगर पंचायत ने अभियान तो छेड़ दिया है, लेकिन वन भूमि पर अवैध कब्जों का दौर जारी है। शहर में हो रहे अवैध कब्जों को लेकर लोग परेशान हैं। कुछ दिन पहले वार्ड नंबर 6 में अवैध रूप से हुए कब्जों को पुलिस की सहायता से नगर पंचायत ने हटाया था। वीरवार को एक और अवैध कब्जा हो रहा था। लोगों की शिकायत पर इसे रुकवाया गया। नायब तहसीलदार रामदयाल ने कहा कि जब तक कब्जाधारी दस्तावेज पेश नहीं करता है। तब तक कब्जे को रोक दिया गया है। बता दें कि भुंतर में गरीबी की रेखा से नीचे बहुत से लोग रहते हैं। इसी तरह गरीब लोग खोखे डालते रहे तो भुंतर शहर में चलने के लिए जगह नहीं रहेगी। नगर पंचायत भुंतर के प्रधान करन ठाकुर ने कहा कि कब्जाधारी को नगर पंचायत भुंतर ने 2008 में परमिशन दी थी। उन्होंने कहा कि 2008 में इसे खोखा सुनिश्चित हुआ था, जो कि बाढ़ के कारण नदी में बह गया था। इसके चलते कब्जाधारी दोबारा से खोखा तैयार कर रहा है। इस संबंध में वन विभाग के डीएफओ कृपाशंकर ने कहा कि यह वन भूमि पर जो कब्जा हो रहा है। इसे रोक दिया गया है, जो भी बिना परमिशन के खोखा तैयार करता है। उस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग ने वन महकमे के कर्मचारियों और अधिकारियों के सहयोग से प्रथम चरण में फाटी खोखण में 17 अवैध कब्जे चिह्नित किए हैं। इन मामलों की पड़ताल करके जल्द ही इन अवैध कब्जों को भी हटाया जाएगा।