अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। अंग्रेजी सीखने के लिए अब विद्यार्थियों को निजी संस्थानों में भारी-भरकम फीस अदा नहीं करनी पड़ेगी। अब इंगलिश स्पीकिंग कोर्स सरकारी शिक्षण संस्थानों में करवाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने शमशी की आईटीआई, राजकीय महाविद्यालय बंजार और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सुल्तानपुर (कन्या) का चयन किया है।
चयनित शिक्षण संस्थानों में इंगलिश स्पीकिंग कोर्स करवाया जाएगा। प्रदेश में ऐसे कुल 65 संस्थान चयनित हुए हैं। इंगलिश स्पीकिंग कोर्स करने वालों को रोजगार विभाग द्वारा सरकार की ओर से कौशल भत्ता भी प्रदान किया जाएगा। कोर्स की अवधि एक साल की रहेगी। शुरूआती दौर में इसे ट्रायल बैस पर छह माह का करवाया जा रहा है। इसमें एडमिशन भी शुरू हो गई है। सरकारी शिक्षण संस्थान में यह पहली बार है कि जब इंगलिश स्पीकिंग कोर्स करवाया जा रहा है। कोचिंग संस्थानों में इंगलिश स्पीकिंग कोर्स करने के लिए मोटी रकम देनी पड़ती है। वर्तमान में इंगलिश स्पीकिंग कोर्स की काफी अहमियत मानी जाती है। इसमें स्किल डेवलपमेंट के साथ कई चीजें सिखाई जाती हैं। नौकरी में साक्षात्कार के दौरान टिप्स कारगर साबित होते हैं। सरकारी संस्थानों में कोर्स उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। उधर, जिला रोजगार अधिकारी अनिल चंदेल ने कहा कि जिले के तीन शिक्षण संस्थानों में इंगलिश स्पीकिंग कोर्स शुरू होगा। कोर्स करने वालों को कौशल भत्ता भी दिया जाएगा।
पर्यटन नगरी के युवाओं को सुनहरा मौका
पर्यटन नगरी कुल्लू व मनाली के युवाओं को अंग्रेजी भाषा सीखने का सुनहरा मौका है। जिले में देश, विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। कई बार पर्यटकों को हिंदी भाषा का ज्ञान नहीं होता है। ऐसे में उनके साथ संवाद में युवाओं को दिक्कतें आती हैं। इस कोर्स के माध्यम से युवा आसानी से पर्यटकों के साथ संवाद कर सकेंगे।
बलदेव