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किराया मनाली का, उतार रहे पतलीकूहल में

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मनाली (कुल्लू)। ब्यास में आई बाढ़ से हुई तबाही के डेढ़ माह बाद भी लग्जरी बसें मनाली नहीं पहुंच रही हैं। प्रशासन ने इन बसों को मनाली तक जाने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने कहा है कि वोल्वो बसों के लिए सड़क दुरुस्त है। इसके अलावा डीएम ने पूर्व में जारी सड़क ठीक न होने पर वोल्वो बसों को पतलीकूहल में खड़ी करने संबंधी अधिसूचना को वापस ले लिया है।
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वोल्वो बस यूनियन का तर्क है कि मनाली में इन बसों के लिए उपयुक्त पार्किंग जगह नहीं है। सैलानियों से वोल्वो बसों में किराया मनाली का वसूला जा रहा है, जबकि उन्हें पीछे पतलीकूहल में ही उतारा जा रहा है। इस मसले पर शासन व प्रशासन दोनों मौन हैं। डेढ़ माह गुजरने के बावजूद प्रशासन वोल्वो बसों की पार्किंग समेत अन्य सुविधाएं नहीं जुटा पाया है। इससे पर्यटन कारोबारियों समेत सैलानियों में रोष है। मनाली के पर्यटन के लिए लाइफलाइन मानी जाने वाली वोल्वो बसों के मनाली न पहुंचने से पर्यटकों में नकारात्मक छवि बन रही है। गुजरात से मनाली आए मौलिक ने कहा कि दिल्ली से मनाली के लिए वोल्वो ली थी। 1300 रुपये किराया देने के बाद उन्हें मनाली की जगह पतलीकूहल में ही उतार दिया गया। 14 घंटे के सफर के बाद मनाली तक पहुंचने के लिए टैक्सी के अलावा कोई साधन नहीं दिखा। मध्य प्रदेश से मनाली घूमने आए आदित्य, विवेक, रविश, सत्यार्थी ने बताया कि आधे रास्ते में ही वोल्वो बसों से यात्रियों को उतारने से दिक्कतें पेश आई हैं। मनाली का टिकट लेकर पतलीकूहल में उतारे जा रहे सैलानी अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। मनाली के पर्यटन व्यवसायी दलीप ठाकुर, तारू नेगी, शलैंद्र शर्मा, जितेंद्र शर्मा ने बताया कि इन दिनों 15 से 20 वोल्वो ही चल रही हैं। वोल्वो बस स्टैंड पर लगभग 20 वाहनों को पार्क करने की जगह है। बताया कि इस संबंध में सैलानी शिकायत कर रहे हैं। कहा कि सरकार और प्रशासन इस मामले को गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उधर, मनाली होटलियर एसोसिएशन के प्रधान अनूप राम ठाकुर ने बताया कि इस संबंध में उपायुक्त से बातचीत की गई है। होटलियर और सैलानी वोल्वो बसों के मनाली नहीं पहुंचने से परेशान हैं।
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