अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/भुंतर। मौहल के पिरड़ी स्थित कूड़ा डंपिंग साइट के तीन दिनों से बंद होने पर भुंतर से लेकर जिला मुख्यालय कुल्लू तक गंदगी के ढेर लग गए हैं। शहर में जगह-जगह कूड़ा-कचरा एकत्रित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय में चलाई गई डोर टू डोर कूड़ा उठाने की योजना चरमरा गई है। ऐसे में लोग घर से निकलने वाले कूड़े को खुले में फेंकने को विवश हैं।
भुंतर से लेकर जिला मुख्यालय कुल्लू के कूड़े को पिरडी में डंप किया जाता है। लेकिन यहां 15 सितंबर से बल्ह पंचायत के साथ वन अधिकार समिति कूड़ा फेंकने का विरोध कर रही है और संयंत्र को जाने वाला रास्ता पूरी तरह से बंद कर रखा है। विरोध में लोग यहां धरना प्रदर्शन भी कर रहे हैं। शहरवासी प्रेम सिंह, निका राम, चमन सिंह, दलीप सिंह, तेज राम, दुनी चंद, टेक राम, नोक सिंह, हितेश, राज कुमार, मेहर चंद, सीमा, रेखा, उर्मिला ठाकुर, सपना कुमारी, नेहा व बबली ने कहा कि उनके क्वार्टर से तीन दिनों से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। ऐेसे में लोग नगर परिषद की ओर से चिन्हित जगहों पर फेंकने को विवश हैं। इसको लेकर दुकानदारों में भी नगर परिषद के प्रति भारी रोष है। मेहर चंद तथा दलीप सिंह ने कहा कि जिला मुख्यालय के हर चौक पर गंदगी के ढेर लगे हैं। उन्होंने कहा कि अगर समस्या का हल नहीं हुआ तो स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी। विकराल समस्या को देखतेे हुए नगर परिषद के अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं। उधर, नगर परिषद उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत ने कहा कि कूड़े को डंपिंग करने के लिए नगर परिषद के पास दूसरा कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में कई जगहों से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है।