उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी के त्रिलोकीनाथ मंदिर में चोरी होने के बाद पुलिस ने तिंदी से लेकर कोकसर में नाकाबंदी कर दी है। जगह-जगह वाहनों की चेकिंग की जा रही है। संदिग्धों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। लाहौल पुलिस भी कुल्लू पुलिस के संपर्क में है। मंगलवार को मंदिर दर्शनों के लिए बंद रहा। ऐसे में लोगों ने मंदिर के साथ मुख्य गेट से शीश नवाया और आशीर्वाद लिया।
सावन माह के दौरान ऐतिहासिक त्रिलोकीनाथ मंदिर में लाखों की चोरी से घाटी में हड़कंप मचा हुआ है। सावन माह में भगवान त्रिलोकीनाथ के दर्शन के लिए देश व प्रदेश भर के श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। दो धर्मों के लोगों की आस्था के प्रतीक त्रिलोकीनाथ मंदिर में रोजाना सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु यहां आ रहे हैं। चोरी की वारदात से लाहौल घाटी के लोगों में रोष है। दर्शन के लिए दूर-दूर से आए श्रद्धालु भी हैरान हैं। ऐतिहासिक त्रिलोकीनाथ मंदिर में चोरी की घटना के बाद मंगलवार को सैकड़ों लोगों ने मंदिर के मुख्य गेट से ही दर्शन कर सुख समृद्धि व शांति का आशीर्वाद लिया। हालांकि इस दौरान प्रदेश के दूसरे हिस्सों से आए श्रद्धालुओं को त्रिलोकीनाथ के दर्शन नजदीक से न कर पाने का मलाल है। दर्शन के लिए कांगड़ा से आए श्रुति, किशन ठाकुर, बिलासपुर से आए राकेश कुमार, मीनाक्षी ठाकुर, शिवानी, चंद्र किशोर, गोविंद सिंह, भाग सिंह, प्रेम चंद, नमिता, सुलेखा तथा पल्लवी ने कहा कि भगवान त्रिलोकीनाथ के मंदिर में चोरी की वारदात से उन्हें गहरा झटका लगा है। सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ उन्होंने भी मंदिर के मुख्य गेट से ही दर्शन किए। उधर, एसडीएम उदयपुर एवं त्रिलोकीनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष सुभाष गौतम ने कहा कि चोरी की जांच के चलते मंगलवार को सुबह से मंदिर में प्रवेश बंद रखा गया। बुधवार से मंदिर को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा।
दान पात्रों को खोलने से पहले चोरी
भगवान त्रिलोकीनाथ मंदिर में शातिरों ने चोरी की वारदात को मंदिर के दान पात्रों को खोलने से एक दिन पहले अंजाम दिया है। मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे के दान पात्रों को 11 जुलाई को खोला गया था। लेकिन इस माह आठ अगस्त को खोला जाना था।