कुल्लू। जिला कुल्लू में हुई ताजा बर्फबारी और बारिश से भले ही खेत खलियान नमी से लबालब हो गए हैं, लेकिन जिला कुल्लू की सेब बेल्ट तक बर्फबारी नहीं पहुंच सकी। सेब की उम्दा पैदावार के लिए अच्छी बर्फबारी होना जरूरी है। इससे न केवल सेब बगीचों में चिलिंग आवर्स पूरे होंगे बल्कि सेब के पौधों को खुराक मिलने के साथ-साथ बगीचों में पनपने वाली कई तरह की बीमारियों व कीट पतंग भी नष्ट हो जाते हैं।
सेब के नए बगीचे को तैयार करने तथा बगीचों में तौलिए बनाने के लिए पर्याप्त बारिश हुई है। परंतु सेब बेल्ट तक बर्फ के फाहों का न गिरने से बागवानों में मायूसी है। अभी तक जिला कुल्लू में पिछले माह 18 नवंबर के बाद इस माह सात दिसंबर तथा 11 दिसंबर को बर्फबारी हुई लेकिन तीनों बार बर्फ के फाहे पहाड़ों से नीचे रिहायशी इलाकों तक नहीं हो सके हैं। प्रगतिशील बागवान तेज राम, कमल ठाकुर, लाल चंद ठाकुर, पीएस कटोच, हेम लाल शास्त्री, बालक राम, आलम चंद, रमेश चंद, दीवान सिंह तथा लीला प्रसाद ने कहा कि सेब की उम्दा फसल व बगीचों में लगने वाली बीमारियों को खत्म करने के लिए बर्फबारी संजीवनी का काम करती है। तीन दिनों तक हुई बारिश व बर्फबारी के बावजूद सेब बेल्ट तक बर्फ नहीं पहुंच सकी। जिससे बागवानों में मायूसी छाई है। बागवानी विभाग कुल्लू के जिला उपनिदेशक राज कुमार शर्मा ने कहा कि अभी तक हुई बर्फबारी से सेब बेल्ट अछूती रही है। सेब के चिलिंग आवर्स को पूरा करने केे साथ-साथ सेब के पौध को खुराक की संजीवनी प्रदान करता है। अभी समय है ऐसे में आने दिनों में अच्छी बर्फबारी होने की उम्मीद है।