मनाली (कुल्लू)। बरसात के दौरान पर्यटन नगरी मनाली का पर्यटन सीजन सिमट कर रह गया है। गर्मियों में मनाली में सैलानियों को ठहरने के लिए कमरा तक नहीं मिल पाता है। अब स्थिति कुछ विपरीत है। पर्यटकों की आवक कम होने के कारण कई होटलों में ताले लटक गए हैं। होटल संचालकों को कर्मचारियों का वेतन तक निकालना मुश्किल हो रहा है।
बरसात की घाटी में दस्तक के बाद मनाली में एकाएक सैलानियों की भारी कमी दर्ज की जा रही है। आलम यह है कि मनाली में पिछले दो माह से मात्र 15 से 20 फीसदी ही सैलानी आ रहे हैं। सैलानियों की ओर से बुकिंग की जा रही है। मनाली के होटलियर विंपी बक्शी, चंदन शर्मा, विनित मेहंदी रत्ता, प्रवीण फैके ने बताया कि मनाली बरसात के दौरान सैलानियों का आगमन कम हो गया है। बताया कि सैलानियों की आमद कम होने के चलते मनाली में होटलियरों की ओर से अपने स्टाफ में भी कमी की जा रही है। आधे स्टाफ को छुट्टी दे दी गई है। मनाली होटलियर एसोसिएशन के प्रधान अनूप राम ठाकुर ने बताया कि गर्मियों में पर्यटन सीजन के बाद जैसे ही मानसून ने दस्तक देने के बाद हिमाचल में बादल फटने, भूस्खलन व अन्य घटनाएं सोशल मीडिया में वायरल हो गई। इसके कारण सैलानी हिमाचल समेत मनाली आने पर कतरा रहे हैं। इसी वजह से ऑक्यूपेंसी भी पिछले दो माह से मात्र 20 फीसदी तक सिमटी हुई है, जबकि अब यहां स्थिति सामान्य है। बताया कि अब बरसात थम रही है। ऐसे में जल्द ऑक्यूपेंसी रेट 50 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है।