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ग्रांफू-बातल सड़क मार्ग बेहद खराब, फंस रहे पर्यटक वाहन

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ग्रांफू-बातल सड़क खस्ताहाल, फंस रहे पर्यटक वाहन
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सड़क की हालत देख वापस लौट रहे 40 फीसदी पर्यटक
वाया जलोड़ी दर्रा स्पीति पहुंचने को मजबूर हैं सैलानी
छतडू और छोटा दड़ा पुलों की दीवारों में पड़ीं कई दरारें
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। दुनिया की सबसे खूबसूरत चंद्रताल झील तक पहुंचने की राह आसान नहीं है। ग्रांफू से चंद्रताल झील तक की दूरी महज करीब 60 किलोमीटर है। बावजूद इसके खस्ताहल सड़क के कारण झील तक पहुंचने के लिए छह घंटे का वक्त लग रहा है। सड़क की हालत इतनी खस्ता है कि 40 फीसदी पर्यटक आधे रास्ते से वापस मनाली लौट रहे हैं।
इस दायरे में करीब आधा दर्जन प्वाइंट ऐसे हैं कि जहां से छोटे वाहनों का निकलना संभव नहीं है। अगर कोई जोखिम भी उठा ले तो वाहन का नुकसान होना लाजिमी है। ग्रांफू-बातल सड़क की हालत खराब होने के कारण सैलानियों को स्पीति घाटी पहुंचने के लिए मजबूरन वाया जलोड़ी दर्रा-किन्नौर होकर घाटी का रुख करना पड़ रहा है। सड़क खराब होने से स्पीति घाटी का पर्यटन कारोबार चौपट हो गया है। ग्रांफू से आगे करीब पांच नालों में बड़े-बड़े पत्थर होने से वाहनों को आगे निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी रास्ते पर पड़ने वाले छतडू और छोटा दड़ा के समीप बने पुलों के एवर्टमेंट की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। जिससे यह मार्ग कभी भी अवरुद्घ हो सकता है।
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दिल्ली से चंद्रताल झील देखने पहुंचे सैलानी अखिलेश कुमार, विक्रम, शालिनी और शर्मिला ने बताया कि सड़क की हालत बेहद खराब है। वाहनों को गुजरना मुश्किल है। उनकी वाहन के चैंबर में पत्थर लगने से ऑयल लीकेज होने लगा। घंटों मरम्मत के बाद लीकेज ठीक करवाया गया। इस इलाके में दूरभाष सेवा उपलब्ध नहीं होने से सैलानियों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। वहीं छतडू और छोटा दड़ा में बने पुलों की दीवारों में दरारें आ जाने से कभी भी हादसे का अंदेशा बना हुआ है।
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इस संबंध में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं टीएसी मेंबर लोबजंग ज्ञलसन और स्पीति भाजपा मंडल अध्यक्ष पलजोर के अनुसार बीआरओ ने अगर जल्द इसी मार्ग की हालत को नहीं सुधारा तो लोग सड़कों पर उतर जाएंगे। इस मार्ग का जिम्मा सीमा सड़क संगठन के 94 और 108 आरसीसी के पास है लेकिन इस दायरे में संगठन के कोई मजदूर और मशीन तैनात नहीं होने से वाहन चालकों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। कृषि, आईटी एवं जनजातीय विकास मंत्री डॉ रामलाल मारकंडा ने कहा कि ग्रांफू-बातल सड़क को सुधारने के लिए उन्होंने बीआरओ के उच्च अधिकारियों से बात की है।
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