फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला में सूखे से टमाटर की पचास फीसदी फसल बर्बाद

विज्ञापन
विज्ञापन
सूखे से टमाटर की 50 फीसदी फसल बर्बाद
विज्ञापन

जिले में बारिश नहीं होने सूखे पौध, किसान बैकफुट पर
1500 हेक्टेयर भूमि पर हो रही है टमाटर की खेती
उमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। मौसम की बेरुखी तमाम फसलों पर भारी पड़ने लगी है। समय पर बारिश नहीं होने से जिला में नकदी फसल टमाटर को भारी नुकसान पहुंचा है। सूखे के कारण 50 प्रतिशत टमाटर फसल बर्बाद हो चुकी है। कुछ दिन बारिश नहीं हुई तो और अधिक नुकसान होने की आशंका जाहिर की जा रही है।
जिन किसानों ने मार्च माह में टमाटर के पौधे रोपित किए हैं, वे बिना बारिश के सूखे गए हैं। वहीं गोभी और अन्य साग सब्जी भी मुरझाने लगी हैं। भीषण गर्मी के चलते नालों और प्राकृतिक स्रोत में पानी की मात्रा बहुत कम हो गई है। सिंचाई के लिए अब यह पानी पर्याप्त नहीं हो रहा है। ऐसे में जिला के टमाटर उत्पादक काफी परेशान हैं।
विज्ञापन

जिला में 1500 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की फसल हो रही है। कुल्लू के सेउबाग, थरमाण, न्योली, घराकड़ काईस, गाहर, लगवैली, मणिकर्ण, मौहल आदि क्षेत्रों में टमाटर की खेती बडे़ पैमाने पर होती है। किसान अमित ठाकुर, अनूप भंडारी, कर्म चंद, महेश शर्मा, ज्ञान ठाकुर, जय चंद, वीर सिंह, रितेश ठाकुर, नवीन, सतीश ठाकुर, केहर सिंह और सुशील भंडारी आदि के अनुसार टमाटर, गोभी सहित अन्य फसलें सूखे की चपेट में आने से 50 फीसदी बर्बाद हो चुकी है। उन्होंने सरकार से नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन

किसान सभा के उपाध्यक्ष देवराज नेगी के अनुसार सूखे से तमाम फसलों को भारी नुकसान हो गया है। खेतों में बीजी गई फसल पूरी तरह से सूख गई है। लिहाजा सरकार को नुकसान का मुआवजा मुहैया करवाना चाहिए। कृषि उपनिदेशक रत्न भारद्वाज के अनुसार सूखे के कारण समस्त फसलों को नुकसान हो रहा है। टमाटर सहित गोभी फसल भी इसके चपेट में आ रही है। जिन क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा है वहां किसान सिंचाई करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें