कुल्लू। कसौली में अवैध कब्जे हटाने पर चलाई गोली से हुई टीसीपी महिला अधिकारी की मौत से कुल्लू जिला के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी सहमे गए हैं। जिला कुल्लू में भी इन दिनों एनजीटी और हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध होटलों, रेस्तरां, होमस्टे, मकानों व दुकानों की निशानदेही चल रही है। जिला में कसोल से लेकर पर्यटन नगरी मनाली तक करीब दो हजार व्यवसायिक प्रतिष्ठानों व रिहायशी मकानों का निरीक्षण किया जा रहा है।
हालांकि लोनिवि ने हाईकोर्ट के आदेशों पर भुंतर के आसपास के सात लोगों को नोटिस देते हुए एक सप्ताह में अवैध कब्जों को छोड़ने को कहा है। वहीं प्रशासन ने कसोल के 35 व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में ताले लगा दिए हैं। जिला मुख्यालय में चार दिनों से राजस्व विभाग द्वारा की जा रही निशानदेही में 32 होटलों की जांच कर दी है। हालांकि अभी तक जिला में किसी भी होटल, रेस्तरां, मकान, दुकान व होमस्टे को उखाड़ने के आदेश नहीं हुए हैं लेकिन कसौली में हुई दर्दनाक वारदात से प्रशासन के साथ अन्य विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। कुल्लू-मनाली में एनजीटी के करीब 1700 होटल, लॉज, रेस्तरां व होमस्टे शामिल है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। जबकि मणिकर्ण घाटी में 100 के आसपास तथा भुंतर से रामशिला तक करीब 150 अवैध कब्जे पाए गए हैं। जिसकी आगामी प्रक्रिया संबंधित विभाग व प्रशासन द्वारा की जा रही है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कुल्लू शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि अवैध कब्जों के खिलाफ जहां भी कार्रवाई होगी पुलिस की टीम हथियारों से लैस होगी और उन्हें सतर्क रहने का कहा है। एसपी ने कहा कि इसके बारे में जिला के सभी थाना और चौकियों को अलर्ट कर दिया है। जिला कुल्लू के मनाली, कसोल, भुंतर और जिला मुख्यालय ढालपुर में अवैध कब्जों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में दस विभाग शामिल है। नगर परिषद, लोनिवि, राजस्व, पुलिस, वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, टीसीपी, आईपीएच, बिजली बोर्ड तथा जिला पर्यटन विभाग शामिल है।