कुल्लू अस्पताल में डॉक्टरों की
कमी, मरीज हो रहे परेशान
गायनी विशेषज्ञ न होने से गर्भवती महिलाओं को परेशानी
निजी अस्पताल में उपचार करने को विवश
उमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। जिला के अस्पताल में डॉक्टरों के कई पद खाली चल रहे हैं। भाजपा की सरकार बने सौ दिन से ज्यादा वक्त हो चुका है। अभी तक अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक के पद नहीं भरे गए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को झेलनी पड़ रही है।
गायनी विशेषज्ञ नहीं होने से जिला के साथ मंडी के बालीचौकी, द्रंग विधानसभा के लोगों के साथ जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति और चंबा के पांगी की गर्भवती महिलाओं के लिए काफी परेशानी झेल रही है। गंभीर हालत में कई बार महिलाओं को मंडी, शिमला या निजी अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है। हालांकि गायनी विशेषज्ञों के नहीं होने से गर्भवती महिलाओं के लिए सीजेरियन के लिए अस्पताल प्रशासन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत दो निजी चिकित्सकों की सेवाएं ले रहा है।
इस संबंध मेें घाटी के बुद्धि प्रकाश शर्मा, गोपाल, अमित, नवीन, चमन, अमन कुमार और सुरेश आदि के अनुसार प्रदेश में भाजपा के सरकार को बने सौ दिन से ज्यादा समय हो चुका है। बावजूद जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधा में सुधार नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भारी खर्चा वहन करना पड़ रहा है। कुल्लू सदर के विधायक सुंदर ठाकुर के अनुसार चार जिला को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करने वाले अस्पताल में चार माह से कई विशेषज्ञों डॉक्टरों के पद खाली चल रहे हैं। डॉक्टरों की कमी से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इस संबंध में विधानसभा में भी मामला उठाया गया था। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के लोग और दो मंत्री की विधानसभा की जनता यहां पर उपचार करने आती है। इस से पता चलता है कि सरकार लोगों के स्वास्थ्य के प्रति कितनी सचेत है।