अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी में इंटरनेट सेवा करीब एक सप्ताह से ठप है। बर्फबारी नहीं होने से घाटी के भीतर केलांग-तिंदी, केलांग-दारचा ओर केलांग-सिस्सू के बीच सड़क बहाल है। जबकि, बीते दिसंबर माह से मनाली-लेह मार्ग पर बीआरओ का निर्माण कार्य पूरी तरह बंद है। इसके बावजूद भूमिगत ऑप्टिकल फाइबर केबल का कटना हैरानी भरा है।
इंटरनेट सेवा ठप हो जाने से लाहौल में बैंकिंग के साथ सरकारी कामकाज निपटाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। बच्चों ने प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करना है, लेकिन इंटरनेट बंद होने से बच्चों की परेशानियां बढ़ गई हैं। लाहौल घाटी में बीएसएनएल के करीब 11 टावर स्थापित हैं। विभाग का दावा है कि ओएफसी कट जाने से घाटी में इंटरनेट की सुविधा सुचारु नहीं है। हालांकि, सीजन के दौरान मनाली-लेह मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान बीआरओ की मशीनों से ओएफसी कट जाती थी, लेकिन दिसंबर 2017 के बाद निर्माण कार्य पूरी तरह बंद है। आखिर भूमिगत केबल किस कारण टूट रही है, इसका जवाब खुद बीएसएनएल के पास भी नहीं है। मामले को लेकर शनिवार को लाहौल स्पीति कर्मचारी महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष मेघचंद प्रभुजी के नेतृत्व में उपायुक्त से मिला। महासंघ ने इंटरनेट और फोन सेवा सुचारु करने के अलावा एडवांस सैलरी को दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर डीसी अश्वनी कुमार चौधरी के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया है। वहीं, ग्राम पंचायत गौशाल के पूर्व प्रधान देवप्रकाश, प्रधान संघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कुमार, जिप उपाध्यक्ष शशि किरण, समेत कई पंचायत प्रतिनिधियों ने इंटरनेट सेवा को तत्काल सुचारु करने की मांग की है। उपभोक्ता सुरेश, हरीश, दिनेश, राकेश, बलवंत, दोरजे, कर्मा, देचिन आदि ने बताया कि बिना बर्फबारी के इस साल पहली बार सर्दियों में इंटरनेट सेवा ठप हुई है। इधर, ओएफसी के प्रभारी एसडीओ विनोद शर्मा का कहना है कि फाल्ट डिटेक्टर मशीन से मढ़ी के आसपास खराबी सामने आई है, लेकिन उस तरफ सड़क बंद होने के कारण फिलहाल वहां तक पहुंचना संभव नहीं है। इसके बावजूद इंटरनेट बहाल करने के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है।