मनाली/बंजार/कोकसर। जिला कुल्लू और लाहौल-स्पीति में दूसरे दिन मंगलवार को भी पहाड़ों में जमकर बर्फबारी हुई। वहीं निचले इलाकों में झमाझम बारिश का दौर रहा। पहाड़ों में हुई बर्फबारी से पूरी घाटी कड़ाके की चपेट में आ गई है। बारिश से जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है।
पर्यटन नगरी मनाली में गिरे बर्फ के फाहों को देखकर सैर सपाटे को पहुंचे पर्यटक झूम उठे। सोलंगनाला, गुलावा, कोठी, मढ़ी के साथ जिला मुख्यालय के साथ लगते बिजली महादेव, चंद्रखनी, मणिकर्ण, मलाणा, सैंज और लगवैली की पहाड़ियां बर्फ से लकदक हो गई हैं। वहीं जलोड़ी दर्रा के साथ स्कीर्ण जोत, लाबांलांबरी, बशलेऊ जोत, बठाहड, बाहू में ताजा बर्फबारी से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जलोड़ी दर्रा में हुई ताजा बर्फबारी के बाद बाह्य सराज की 58 पंचायतों को संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। उधर, लाहौल घाटी को जोड़ने वाला रोहतांग दर्रा में भी भारी हिमपात हुआ है।
ग्रांफू-काजा मार्ग पहले से बंद हो गया है। सोमवार रात से लेकर हुई भारी बर्फबारी से जिला मुख्यालय केलांग सहित पूरा लाहौल-स्पीति जिला बर्फ के आगोश में समा गया है। ऐसे में घाटी में भी निगम की बस सेवा के भी पहिये जाम हो गए हैं। घाटी कई क्षेत्रों में बिजली और दूर संचार सेवा भी बाधित होने से लोगों को जीवन ठहर सा गया है। जिला प्रशासन ने कोकसर और मढ़ी बचाव चौकियों को 31 दिसंबर तक पैदल यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बहाल रखने का निर्णय लिया है। उपायुक्त कुल्लू युनूस ने कहा कि मौसम को देखते हुए प्रशासन ने 13 दिसंबर तक अलर्ट घोषित किया है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए लोगों व पर्यटकों को जलोड़ी दर्रा, सोलंगनाला आदि संवेदनशील इलाकों की ओर न जाने की हिदायत दी है।