मैं एक भीड़ का हिस्सा हूं....पर लूटी वाहवाही
देवसदन में कवियों ने किया कविता पाठ
कुल्लू। भाषा एवं संस्कृति विभाग कुल्लू की ओर से देवसदन भवन के सभागार में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया। लाहौल-स्पीति के कवि शेर सिंह ने पेड़ डरे हुए हैं नामक कविता पढ़ी।
बंजार की युवा कवयित्री कुमारी कृष्णा, वयोवृद्ध कवि जयदेव विद्रोही ने स्व विद्या चंद ठाकुर को श्रद्घाजंलि देते हुए आह! विद्याचंद ठाकुर कविता पाठ किया। तोवदन ने प्यार के वादे, इंदू भारद्वाज ने मजहब, जन्नत की वादी उदास है, रमेश त्रिपाठी ने अपनी संभावनाएं, मेरी कसम से, राजपाल कौशल ने रिश्ते, सरला चंबियाल ने मीठी लागी बोला माहे री बास गीत प्रस्तुत किया। युवा कवयित्री सोमलता ने सबको मिल गए कारवां, दौलत भारती ने क्यों लिखूं, डॉ अंजना चौहान ने गेंदा और गुलाब, सत्यपाल भटनागर ने मैं एक भीड़ का हिस्सा हूं, पुनीत पटियाल ने पुनीत विनति, शिवराज शर्मा ने हवाएं कहती हैं, केजी शर्मा ने परछाईयों के प्रश्न चिन्ह, शिव सिंह पाल ने गम हवा हवा गीत, जय सिंह ने दिला रा दुखड़ू, राज सिंह राज ने भरोसा क्या करना गैरों पर तथा डा सूरत ठाकुर ने मेरा गांव गीत गाकर सभागार में उपस्थित कवि एवं श्रोता गणों को आनंद विभोर किया। कार्यक्रम के समापन पर जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया ने कवि सम्मेलन में भाग लेने वाले कवि एवं उपस्थित श्रोतागण का धन्यवाद किया।