आचार संहिता लगते ही कुल्लू में चुनाव समाग्री को भेजने में जुटे चुनाव विभाग के कर्मचारी।
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कुल्लू। जिला के चारों विधानसभा क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता के अक्षरश: पालन और निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्षता से करवाने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मतदान प्रक्रिया के लिए ट्रेनिंग का दौरा पूरा हो चुका है। जिला के चारों विधानसभा क्षेत्रों मनाली, कुल्लू, बंजार और आनी में 2 लाख 87 हजार से अधिक मतदाता इस बार विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसमें महिलाओं की संख्या एक लाख 39 हजार से अधिक है।
वहीं जिला कुल्लू में चुनाव के लिए कुल 520 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसमें 450 पोलिंग बूथ साधारण हैं। वहीं 59 पोलिंग बूथों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। 11 पोलिंग को अति संवेदनशील पोलिंग बूथ में रखा गया है। मनाली विधानसभा क्षेत्र में कुल 100 पोलिंग बूथ स्थापित किए गए हैं। जिनमें 86 साधारण, 3 अति संवेदनशील और 11 संवेदनशील है। वहीं कुल्लू विधानसभा में कुल 145 पोलिंग में से दो अतिसंवेदनशील जबकि 18 संवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं। इसी तरह बंजार में कुल 139 जबकि आनी में 136 पोलिंग बूथ स्थापित किए गए हैं। पोलिंग बूथों पर सुरक्षा के लिए पुलिस, होम गार्ड, जीओ रहेंगे। जबकि अति संवेदनशील पोलिंग बूथों पर पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए जाएंगे।
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी यूनुस ने कहा है कि आदर्श आचार संहिता के अक्षरश: पालन और निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्षता से करवाने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। आदर्श आचार संहिता का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक विस क्षेत्र में तीन-तीन उडन दस्ते और तीन-तीन नाका टीमें तैनात की गई हैं। सात वीडियो सर्विलांस टीमें, चार वीडियो व्यूइंग टीमें और चार अकाउंटिंग टीमें भी लगा दी गई हैं। इसके अलावा जिला को 12 सेक्टर में बांटा गया है। 53 सेक्टर अधिकारी भी तैनात किए गए हैं। गठित की गई विशेष टीमें हर गतिविधि पर नजर रखेंगी।
चुनावी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे 3400 कर्मचारी
आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया के लिए जिला में कुल 3400 कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त युनूस ने कहा कि चुनावों के लिए 2800 की आवश्यकता है लेकिन रिजर्व में 3400 से 3500 कर्मचारियों की इसमें सेवाएं ली जाएंगी। इसमें सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और मेडिकल स्टाफ को शामिल किया है।