कुल्लू। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के एचआरटीसी केलांग और सब डिपो किलाड़ के महकमे में अब 100 मिनी बसें शामिल होने जा रही हैं। इसको लेकर एचआरटीसी ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। हाल ही में पांगी और लाहौल दौरे पर आए मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह जानकारी दी है। मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से जहां प्रदेश के हर जिले में इलेक्ट्रिकल बसों को शामिल किया गया है वहीं अब लाहौल और पांगी जैसे दुर्गम और बर्फीले क्षेत्रों में यह मिनी बसें कारगर हैं। प्रदेश सरकार अब पांगी और लाहौल में 100 मिनी बसें भेज रही है। सरकार की इस पहल से घाटी के लोगों को काफी राहत मिलेगी। यहां हर दिन लोगों को ओवरलोडिंग और खटारा बसों के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब इन मिनी बसों के आने से लोगों को सुविधा मिलेगी। मौजूदा समय में पांगी और लाहौल के कई रूटों पर पुरानी बसें दौड़ रही हैं। इसकी वजह से ये बसें जगह-जगह खराब हो जाती हैं। इससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचाने में परेशानी होती है।
केलांग डिपो और सब डिपो में सर्दियों में इलेक्ट्रिकल बसें कारगर नहीं हैं। इसको लेकर कई बार प्रदेश सरकार से मांग की जा रही थी लेकिन आखिरकार सरकार की ओर से लाहौल और पांगी में 100 मिनी बसें शामिल करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। -सुरजीत भरमौरी, सदस्य हिमाचल पथ परिवहन निगम के निदेशक मंडल
पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में इलेक्ट्रिकल बसें नहीं हैं कामयाब
लाहौल और पांगी के लिए प्रदेश सरकार की ओर से उच्च अधिकारियों की अगुवाई में मिनी बसों की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। केलांग डिपो में ये बसें शामिल होने से सर्दियों के समय कारगर साबित होंगी। जिन रूटों पर बर्फबारी के कारण फिसलन की समस्या रहती है, उन रूटों पर ये मिनी बसें कारगर साबित होंगी। इन बसों के जल्द डिपो में शामिल होने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिकल बसें पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में कामयाब नहीं हैं।
- अक्षित शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक एचआरटीसी केलांग डिपो