वहीं, पूर्व गृह मंत्री पी चिंदबरम ने इंदिरा गांधी का बचाव करते हुए कहा कि ऑपरेशन ब्लू स्टार का फैसला उनका अकेले का नहीं था। उस समय सेना, पुलिस व उस समय के पंजाब के नेताओं का निर्णय था। इस पर बावेजा ने कहा कि प्रधानमंत्री तो इंदिरा गांधी थी। ऐसे में उनके आदेश पर ही ऑपरेशन ब्लू स्टार हुआ। बावेजा ने कहा कि इंदिरा गांधी की हत्या उनके ही सुरक्षा कर्मियों ने की थी और उनकी सुरक्षा में एक एमपी का बेटा भी था। जिस पर चिदंबरम ने कहा कि बावेजा ने किताब केवल एक ही नेता के सोर्स पर लिखी है, जबकि कई लोगों से बात करके यह लिखी जानी चाहिए थी।
इसके अलावा कश्मीर पर चर्चा करते हुए चिदंबरम ने कहा कि वर्तमान में जम्मू-कश्मीर की दिल्ली से दूरी बन गई है। केंद्र को कश्मीरियों को समझना होगा। अधिकांश कश्मीरियों को भारत से लगाव है। कश्मीर के लोग अब समझ गए हैं कि पाकिस्तानी सेना उन्हें केवल भारत के खिलाफ भड़काने का काम कर रही है। वहीं बावेजा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की बढ़ी संख्या हमेशा शांति का एक बड़ा उदाहरण है। ऑपरेशन सिंदूर से कश्मीर में समस्या का हल नहीं होगा। कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में अप्रैल माह में ही करीब 60 से 70 हजार पर्यटक पहुंचे थे।
बावेजा ने बाबरी मस्जिद को गिराने के बाद कश्मीर में हिंदू मंदिरों का निशाना बनाने के उपजे विवाद पर कहा कि उस समय इस तरह की सूचनाएं आ रही थीं कि वहां पर करीब 62 मंदिरों को निशाना बनाया गया है। लेकिन कश्मीर के दौरे में उन्हें 2 ही मंदिर ऐसे मिले, जिन्हें तोड़ा गया था।
मैंने कश्मीर से हटा दी थी सीआरपीएफ
पी चिदंबरम ने कश्मीर के मुद्दे पर कहा कि जब मैं केंद्रीय मंत्री था तो कश्मीर का दौरा किया। वहां पर 15-15 फीट की दूरी पर पुलिस व सीआरपीएफ तैनात की गई थी। उसके बाद मैंने सीआरपीएफ को वहां से हटाकर बॉर्डर पर भेज दिया था।
- बावेजा की किताब में लिखा है कि राजीव गांधी की 1980 और 1983 के दौरान भिंडरवाले से दो बार बैठकें तय की गईं थीं। हालांकि, दोनों बैठकें सुरक्षा कारणों के चलते नहीं हो पाईं।