कृषि विवि पालमपुर में विकसित भारत युवा संवाद कार्यक्रम में मौजूद लोग। -स्रोत : विवि
पालमपुर (कांगड़ा)। सीएसआईआर के निदेशक डॉ. सुदेश कुमार यादव ने युवाओं से ज्ञान, नवाचार, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय एवं रचनात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया है। देश के समग्र विकास और प्रगति में युवा शक्ति की भागीदारी सबसे अहम है।
वे प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में छात्र कल्याण संगठन एवं विश्वविद्यालय अध्ययन मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विकसित भारत युवा संवाद कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. योगेंद्र प्रताप धामा ने विकसित भारत के निर्माण में युवाओं के योगदान पर विचार-विमर्श किया।
उन्होंने प्रतिभागियों से पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्य को अपने दैनिक जीवन और आचरण में अपनाने पर जोर दिया। इस संवाद सत्र में डॉ. कमल देव, डॉ. राजन कटोच, डॉ. अंजलि सूद, डॉ. राकेश चौहान और अजीत कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में छात्र कल्याण अधिकारी प्रो. जय देव ने सफल आयोजन के लिए सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार जताया।