कांगड़ा। लाेगाें के स्वास्थ्य के प्रति प्रदेश सरकार कितनी गंभीर है, इसका पता ताे टांडा मेडिकल कॉलेज में एक्सरे मशीन से चल रहा है। टांडा मेडिकल कॉलेज में पिछले कई दिनाें से एक्सरे मशीन खराब पड़ी हुई है मगर इसे लेकर टांडा प्रशासन गंभीर नहीं है। हालांकि टांडा में कुछ दिनाें से डिजिटल एक्सरे मशीन से लाेगाें के एक्सरे किए जा रहे हैं। इससे भी लाेगाें काे परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है। हर घंटे बाद यह एक्सरे मशीन हांफ रही है और लगभग 35 से 40 मिनट तक मशीन काे रेस्ट देनी पड़ रही है। इससे लाेगाें काे इंतजार करना पड़ा रहा है।
डिजिटल मशीनों से एक्सरे करवाने में लोगों को असुविधा हो रही है। प्रिंटर की समस्या के कारण मरीजों को अपने एक्सरे की फोटो फोन से खींचकर दिखानी पड़ती है। इसके अलावा, पुरानी एक्सरे मशीनों के खराब होने से मरीजों को होने वाली असुविधाएं और कभी-कभी संक्रमण का खतरा जैसी समस्याएं भी हो रही हैं। डिजिटल एक्सरे मशीनें अकसर गर्म हाे जाती हैं और कुछ उन्हें रेस्ट देनी पड़ती है।
टांडा आए मरीज और उनके तीमारदार मेडिकल कॉलेज प्रशासन और सरकार काे काेसते हुए नजर आए। बैजनाथ से आए मरीज के तीमारदार अश्वनी कुमार, घराेह से आए सूरज, पालमपुर से आए धनीराम, नगराेटा सूरियां से आए तरसेम कुमार, जवाली से आए राजिंद्र कुमार और नगराेटा बगवां से आए तीमारदार रमेश कुमार ने बताया कि सरकार और टांडा मेडिकल कॉलेज प्रशासन लाेगाें काे अच्छी सुविधा मुहैया करवाए।
पहले वाली मशीन में खराबी के चलते टांडा में डिजिटल एक्सरे मशीन से एक्सरे किए जा रहे हैं। इस मशीन से ओर भी कई काम किए जा रहे हैं, जिससे यह मशीन गर्म हाे जा रही है ताे 35 से 40 मिनट तक इसे रेस्ट दी जा रही है। जिस कारण मरीजाें काे भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि जल्द ही पहले वाली मशीन ठीक करवा दी जाएगी।
-प्रीति कपिला, एचओडी एक्सरे, टांडा