उठाओ पेयजल योजना का विरोध करती गणखेतर गांव की महिलाएं।
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बैजनाथ (कांगड़ा)। मंडी और कांगड़ा जिला की सीमा के समीप भटवाली खड्ड में निर्माणाधीन उठाऊ पेयजल योजना का कार्य दूसरे दिन भी गणखेतर गांव की महिलाओं के विरोध के कारण शुरू नहीं हो सका। शुक्रवार को जोगिंद्रनगर के आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता व बैजनाथ के सहायक अभियंता ने घट्टा में इस मसले पर बात की। दूसरी तरफ जोगिंद्रनगर की पंचायतों के प्रतिनिधि पानी ले जाने की बात पर अड़े रहे और कांगड़ा के गणखेतर की महिलाएं पानी किसी भी सूरत में न देने पर कायम रहीं।
दोनों तरफ के विरोध को देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने फिलहाल काम को शुरू नहीं किया है और आपसी समझौते पर विचार-विमर्श किया है। गणखेतर गांव के रतन चौधरी, स्वरूप, त्रिलोक चौधरी, गिरधारी, भगवान दास, विशन दास और महिला मंडलों की प्रधान रुको देवी, विमला व अंजना का कहना है कि इस खड्ड में से गणखेतर, बल्ल व पंडोल रोड के आसपास के क्षेत्र के लिए दो कूहलों से सिंचाई योग्य पानी लिया जाता है। पेयजल योजना के लिए पानी जाने से इन कूहलों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
दूसरी तरफ जोगिंद्रनगर की बाग पंचायत के प्रधान बिंदु का कहना है कि जोगिंद्रनगर की पंचायतों को उसी क्षेत्र में आने वाली खड्ड से उठाऊ पेयजल योजना बन रही है और इसका विरोध गलत है। गणखेतर के लोगों ने एसडीएम छवि नांटा के सामने मामले को रखा है। रतन चौधरी ने कहा कि आईपीएच के अधिकारियों ने खड्ड तक जाना मुनासिब नहीं समझा। चेताया कि काम बंद न होने पर गांव के लोग आवाही नाग मंदिर के पास एनएच पर धरना देंगे।