धर्मशाला। कांगड़ा जिला में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अब पर्यटन क्षेत्र में नई पहचान और रोजगार मिलेगा। इन महिलाओं को टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि तपोवन स्थित हिमाचल विधानसभा परिसर घूमने आने वाले पर्यटकों को बेहतर मार्गदर्शन और जानकारी मिल सके।
इस संबंध में सोमवार को विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में जिला उपायुक्त हेमराज बैरवा ने संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए। उपायुक्त ने बताया कि तपोवन विधानसभा परिसर अब पर्यटकों के लिए खोला जा चुका है। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद बेचने के लिए भी यहां स्थान उपलब्ध करवाया गया है।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी इन महिलाओं को विधानसभा के इतिहास, राज्य की संस्कृति, परंपराओं तथा आतिथ्य कला की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाएगी, ताकि वे पर्यटकों को प्रदेश की विशेषताओं से रूबरू करवा सकें। पर्यटकों की आवाजाही, मार्गदर्शन और स्थानीय उत्पादों को प्रोमोट करने की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपी जाएगी, जिससे उन्हें रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
उपायुक्त ने स्मार्ट सिटी कार्यों की भी समीक्षा
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि शहर में सड़कों के किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों से निजात दिलाने के प्रयास जारी हैं। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर छोटे पार्किंग स्थल तथा वेंडिंग जोन चिह्नित करने को लेकर संयुक्त निरीक्षण करवाया गया है। बैठक में दाड़ी वार्ड में ग्रामीण हाट शुरू करने पर भी चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि मैक्लोडगंज से धर्मकोट मार्ग पर यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। चरान खड्ड में समृद्धि भवन के पास और कोतवाली में काली माता मंदिर के नजदीक नाले के चैनलाइजेशन को लेकर भी कार्रवाई की जा रही है। उपायुक्त ने कहा कि शहर में अवैध कब्जों को हटाने के लिए भी गंभीरता से कार्यवाही जरूरी है। बैठक में एडीएम शिल्पी बेक्टा, बीडीओ अभिनीत कात्यायन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।