धर्मशाला/राजा का तालाब/नूरपुर/कांगड़ा/पालमपुर। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट से किसी ने खुशी जताई है तो किसी ने इसे नाकाफी बताया है। महिलाओं ने सोना-चांदी सस्ता होने पर इसे सही बताया है। कर्मचारियों ने उम्मीदों से कम मिलने की बात कही। वहीं, किसानों ने कहा कि इस बजट से उन्हें मायूसी ही हाथ लगी है। उधर, मुद्रा लोन को बढ़ाने पर भी स्वरोजगार शुरू करने वाली महिलाओं ने इसकी सराहना की है। वहीं, युवाओं ने ईपीएफओ में पहले वेतन पर सरकार के राशि डालने के फैसले को सराहा है। ज्यादातर लोगों ने इसे मिला-जुला बजट बताया है।
टैक्स को लेकर देर से आए, पर दुरुस्त आए
केंद्रीय बजट में भले ही पुराने टैक्स रिजीम में कोई बदलाव नहीं हुआ हो, लेकिन नई टैक्स रिजीम में सरकार द्वारा स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने और न्यू टैक्स रिजीम में बदलाव करने से आयकरदाताओं विशेषकर राज्य और केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। कर्मचारियों की लंबे समय से स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाने की उम्मीद थी। फिर भी देर से आए पर दुरुस्त आए।
-अंकुश धीमान, कर्मचारी, राजा का तालाब
किसान मायूस
सरकार ने फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य न देकर किसानों के हितों से कुठाराघात किया है, जबकि यह सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का दम भरती थी। यह बजट भाजपा के 10 साल की नाकामियों को छिपाने की कोशिश है।
-तिलक राज शर्मा, निवासी चरुड़ी पंचायत
यह बजट महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस बजट के बाद सोना और चांदी के दामों में गिरावट आएगी और मुद्रा लोन की राशि बढ़ाने से लोगों विशेषकर महिला उद्यमियों को लाभ होगा, जो अपना कारोबार करने की इच्छा रखती हैं। इसके अतिरिक्त महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए तीन लाख करोड़ रुपये का भी प्रावधान किया गया है। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी। सोलर सिस्टम और कैंसर जैसी घातक बीमारियों की दवाएं सस्ती होने से आमजन को काफी को राहत मिलेगी।
-कल्पना धीमान, गृहिणी, ननूह
नया बजट मोदी सरकार के पिछले बजटों की भांति नई बोतल में पुरानी शराब है। बजट में ग्रामीण विकास के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया। ग्रामीण स्वास्थ्य और विकास में जुटे छोटे कर्मचारियों के हितों की तरफ कोई ध्यान न दिया गया है। आंगनबाड़ी वर्कर, हेल्पर और आशा वर्कर को इस बजट से भारी निराशा हुई है। सरकार ने पठानकोट से जोगिंद्रनगर रेलवे लाइन को ब्रॉडगेज करने की दिशा में भी कोई कदम नहीं उठाया है।
-शाम सिंह, चरुड़ी, फतेहपुर
मानक कटौती की सीमा 50,000 से बढ़ाकर 75,000 की गई है जो की सराहनीय कदम है। परंतु कर्मचारियों को इससे अधिक की उम्मीद थी और यह सीमा एक लाख करनी चाहिए थी। इसी प्रकार टैक्स स्लैब में भी थोड़ी और रियायत की उम्मीद थी।
-कुलभूषण डोगरा, शिक्षक, राजा का तालाब
कर्मचारी वर्ग को इस बजट से उम्मीद थी कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर केंद्र सरकार की ओर से कुछ फैसले लिए जाएंगे, लेकिन उम्मीदों के विपरीत बजट सुनने के बाद कर्मचारी वर्ग को निराशा ही हाथ लगी। जबकि आंध्र प्रदेश , महाराष्ट्र, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश और कई अन्य राज्यों में भी कर्मचारी अधिकारी वर्ग पुरानी पेंशन बहाली के लिए सरकार को ज्ञापन दे रहे हैं और आंदोलनरत हैं।
-डाॅ. संजीव गुलेरिया, अध्यक्ष, प्रदेश न्यू पेंशन स्कीम रिटायर्ड कर्मचारी महासंघ
सरकार ने संगठित क्षेत्र में पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को ईपीएफओ में एक माह के वेतन का तोहफा दिया है। साथ ही पांच हजार प्रतिमाह भत्ता, छह हजार की एकमुश्त और टाप 500 कंपनियों में 12 महीने की इंटर्नशिप का अवसर देने का फैसला सराहनीय कदम है।
-अजय कुुमार, युवा, निवासी नूरपुर
नई कर व्यवस्था के अनुसार करदाता अब 17,500 रुपये तक का टैक्स बचा पाएंगे। हालांकि इस बजट से शेयर मार्किट और मुच्यूअल फंड निवेशकों को अब कमाई पर ज्यादा टैक्स देना पड़ेगा। मार्केट से मुनाफे पर अब लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन 10 प्रतिशत से बढ़ा कर 12.5 प्रतिशत देना पड़ेगा। वही स्माल कैपिटल गेन 15 प्रगिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया हैं। जिससे स्टॉक एंड मुच्यूअल फंड इंडस्ट्री जो की कुछ सालों से निवेशकों को काफी आकर्षित कर रही थी उसमें निवेशकों में थोड़ी निराशा देखी जाएगी। उन्होंने बताया छोटा व्यापार स्थापित करने के लिए मुद्रा लोन को 10 लाख से बढ़ा कर 20 लाख करने से नए स्टार्टअप्स को सहायता मिलेगी।
- सुनील डोगरा, वित्तीय सलाहकार, कांगड़ा
सरकार ने सोना सस्ता कर महिलाओं को एक बड़ा तोहफा दिया है। सोना सस्ता होने से हर वर्ग को राहत मिलेगी। खास कर लोगों को शादियों के लिए अब कम पैसे खर्च करने पड़ेंगे। जबकि महिलाओं के वर्ग के लिए यह बजट खास सौगात लेकर आया है।
-अनुराधा शर्मा, उत्तर रेलवे बोर्ड की सदस्य, पालमपुर
इस बार केंद्र सरकार पेश होने वाले बजट से महिलाओं को सोना सस्ता होने की काफी आस थी। जिस पर केंद्र सरकार ने सोना सस्ता कर महिलाओं को एक बहुत बड़ी सौगात दी है। उन्होंने कहा कि सोना सस्ता होने से महिलाओं समेत हर वर्ग को राहत मिलेगी। जो एक सभी महिलाओं के लिए खुशी की बात है।
- सरिता पठानिया, पालमपुर
केंद्र सरकार की ओर से पेश बजट में कृषि को लेकर बड़ी योजनाएं बनाई है। साथ ही प्राकृतिक खेती को भी खासा प्रोत्साहन दिया गया है। जिससे आने वाले समय में किसानों की आर्थिकी मजबूत होगी। कहा कि इससे किसानों में खुशी है।
-उत्तम गोस्वामी, किसान, पालमपुर
मौजूदा बजट में कई योजनाओं में रोजगार और कौशल सृजन पर बहुत जोर दिया जाएगा जो छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा। 1.48 लाख करोड़ का आवंटन निश्चित रूप से शैक्षिक क्षेत्र को बढ़ावा देगा, लेकिन यह अभी भी छात्रों तक इन परियोजनाओं और योजनाओं को पहुंचाने में सरकार की अपर्याप्तता को नजरअंदाज नहीं कर सकता है क्योंकि वे वर्तमान में ध्यान केंद्रित नहीं कर रहे हैं। इन संदेशों और योजनाओं को उचित मंच के माध्यम से उनके बुनियादी ढांचे पर सरकार को इन कमियों पर ध्यान देना चाहिए। क्योंकि अगर ये योजना छात्रों तक नहीं पहुंचेगी तो छात्रों को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। मेरी राय में बजट अच्छा और संतुलित है, लेकिन सरकार को छात्रों को बेरोजगार भत्ता देने में भी सक्षम होना चाहिए।
माधव महाजन, छात्र बीए-एलएलबी, जसूर